मऊगंज : जिले में 29 दिसंबर 2025 को डगडौआ गांव के पास एंबुलेंस चालक सुधीर दाहिया उर्फ़ लाला की बेरहमी से हत्या ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया था। इस सनसनीखेज घटना में अब एक नया मोड़ सामने आया है। पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी शिवम द्विवेदी उर्फ़ बाबा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि शिवम और उसका साथी दिनेश पटेल उर्फ़ गबरू केवल मऊगंज ही नहीं, बल्कि इंदौर के राऊ टोल प्लाजा हाईवे पर एक रिटायर्ड फौजी की भी हत्या कर चुके थे। उन्होंने फौजी के शव को जला दिया और उसकी हीरो करिज़्मा बाइक छीन कर फरार हो गए।
मऊगंज हत्याकांड का खुलासा
सुधीर की पत्नी और आरोपी की साजिश
हत्या के बाद दोनों आरोपी इंदौर से भागकर अपने पुराने दोस्त सुधीर दाहिया के साथ रहने लगे। इसी दौरान सुधीर की पत्नी कंचन दाहिया और दिनेश पटेल के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। सुधीर जब एंबुलेंस चलाने जाता था, तब कंचन और गबरू साथ रहते थे। कुछ समय बाद दिनेश ने कंचन को अपने साथ चलने का ऑफर दिया। कंचन ने साफ़ मना कर दिया कि जब तक उसका पति जीवित है, वह किसी के साथ नहीं जाएगी। इसके बाद, कंचन की मदद से शिवम और दिनेश ने सुधीर की हत्या की योजना बनाई।
शराब पार्टी के बहाने हत्या की योजना
29 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने शराब पार्टी का बहाना बनाकर सुधीर को रीवा बुलाया। उसे जमकर शराब पिलाई गई और फिर गड़ासा से उसकी हत्या कर डगडौआ गांव हाईवे के किनारे फेंक दिया। हत्या के बाद दिनेश ने सुधीर के मोबाइल से अपनी प्रेमिका कंचन को फोन कर बताया कि काम पूरा हो गया है। इसी कॉल के जरिए मऊगंज पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाई।
हत्या का सबूत छुपाने की कोशिश
हत्या के बाद दोनों आरोपी 29 और 30 दिसंबर की देर रात संजना सिंह के घर पहुंचे। उन्होंने खून लगे कपड़े साफ किए, गड़ासा को छिपाया और बाइक के इंजन और चेसिस नंबर स्क्रैच कर वहां रख दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने सबसे पहले कंचन दाहिया को गिरफ्तार किया। उसके बाद संजना सिंह के घर से हत्या में इस्तेमाल होने वाला गड़ासा, खून से लथपथ कपड़े और हीरो करिज़्मा बाइक बरामद किए।
मुख्य आरोपी शिवम और दिनेश कंचन की गिरफ्तारी की खबर पाकर फरार हो गए। पुलिस ने उन्हें उत्तर प्रदेश के प्रयागराज तक ट्रैक किया, लेकिन कोहरे के कारण सफलता नहीं मिली। मऊगंज पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह के मार्गदर्शन और एसडीओपी सची पाठक के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने आरोपी का पीछा जारी रखा।
शिवम की चालाकी और गिरफ्तारी
शिवम द्विवेदी आधुनिक दुनिया में भी बिना फोन के चलता था। इंदौर में रहने वाली अपनी प्रेमिका से किसी और के मोबाइल से बात करता था। पुलिस ने जाल बिछाकर प्रेमिका तक पहुंची और अंततः हनुमान नगर, थाना करछना, प्रयागराज से शिवम को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। गिरफ्तारी के दौरान शिवम ने कबूल किया कि रिटायर्ड फौजी अनिल नेगी की हत्या उसकी प्रेमिका पर नजर रखने की वजह से की गई थी।
मुख्य आरोपी शिवम की गिरफ्तारी के बावजूद, उसका साथी दिनेश पटेल उर्फ़ गबरू अब भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश जारी रखे हुए है। मामले की पूरी कहानी 20 दिन की मोहब्बत, इश्क और विश्वासघात की जटिल साजिश के रूप में सामने आई, जिसने सुधीर दाहिया के लिए खौफनाक अंजाम ला दिया।
