Gorakhpur Crime News: गोरखपुर मुख्यालय से तकरीबन 50 किलोमीटर दूर बांसगांव थाना क्षेत्र के जयंतीपुर गांव में गुरुवार तड़के पत्रकार के भाई कार्तिकेय मिश्रा उर्फ शुभम की नृशंस हत्या से सनसनी फैल गई। घर के बाहर बरामदे में सो रहे शुभम पर अज्ञात हमलावरों ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। परिजनों ने पुलिस-प्रशासन से हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
गोरखपुर में पत्रकार के भाई की हत्या
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पहले ही दी गई थी खतरे की सूचना
मृतक के परिजनों का दावा है कि शुभम और परिवार को पहले से खतरा था और इस संबंध में कई बार एसएसपी को सूचना दी गई थी। परिवार के अनुसार मृतक के पिता और बड़े भाई को पूर्व में सुरक्षा भी उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन बाद में सुरक्षा हटा ली गई। अब हत्या के बाद परिजनों ने सुरक्षा व्यवस्था हटाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
लखनऊ में परिवार, गांव में अकेला था शुभम
बताया गया कि शुभम के पिता स्वदेश मिश्रा की किडनी खराब है और ट्रांसप्लांट के सिलसिले में पूरा परिवार इन दिनों लखनऊ में था। दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा शुभम गांव स्थित घर पर अकेला रह रहा था। बुधवार रात भोजन करने के बाद वह घर के बाहर बरामदे में सो गया था। गुरुवार सुबह करीब पांच बजे अज्ञात हमलावरों ने उस पर अचानक हमला कर दिया। सिर पर चाकू से कई वार किए गए। हमले में शुभम गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ हो गया।
पीएचसी पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
शुभम की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस की मदद से उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना लखनऊ में मौजूद मां सुधा मिश्रा और अन्य परिजनों को दी गई। खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और स्वजन लखनऊ से गोरखपुर के लिए रवाना हो गए।
मौके पर पहुंची पुलिस
हत्या की सूचना मिलते ही बांसगांव पुलिस के साथ पुलिस के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल को सुरक्षित कर फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस हमलावरों की पहचान और हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
गोरखपुर से रशाद लारी की रिपोर्ट
