Malviya Nagar Murder Case: दक्षिण दिल्ली के पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक व्यक्ति ने 2016 में संपत्ति विवाद के दौरान खुशी राम के साथ झगड़ा किया था। इस झगड़े में खुशी राम लगभग नौ महीने तक चल-फिर नहीं पाए थे, जिससे उन्होंने बदला लेने की योजना बनाई। जानकारी के अनुसार, लखपत सिंह उर्फ लखपत कटारिया (56) पर शुक्रवार की सुबह बेगमपुर स्थित विजय मंडल पार्क में उनकी सैर के दौरान दो आरोपियों ने क्रिकेट बैट और आग्नेयास्त्र से हमला किया।
मालवीय नगर में नृशंस हत्या के आरोप में पिता-पुत्र गिरफ्तार
शरीर पर कई गहरे घाव
पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि लखपत सिंह को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेडिकल-लीगल रिपोर्ट (एमएलसी) में उनके शरीर पर कई गहरे घाव दर्ज हैं। चौहान ने यह भी बताया कि अपराध में इस्तेमाल की गई काली मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई है, हालांकि उसकी नंबर प्लेट हटाई गई थी।
अतिक्रमण और आपराधिक धमकी जैसे मामलों में शामिल
कॉल डेटा रिकॉर्ड (सीडीआर) और संदिग्धों की गतिविधियों के विश्लेषण से खुशी राम की संलिप्तता सामने आई। पुलिस के अनुसार, खुशी राम पहले भी हमला, अतिक्रमण और आपराधिक धमकी जैसे कई मामलों में शामिल रहा है। डीसीपी ने कहा कि पूछताछ के दौरान खुशी राम ने कबूल किया कि वह लखपत द्वारा किए गए पुराने हमले और अपमान का बदला लेने के लिए वर्षों से इंतजार कर रहा था। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है।
(इनपुट - भाषा)
