दिल्ली और मुंबई में प्रवर्तन निदेशालय ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। ये पूरी कार्रवाई PMLA के तहत चल रही जांच का हिस्सा है। मामला है संदीपा विरक और उनके साथियों का, जिन पर आरोप है कि इन्होंने झूठे वादों और फर्जी सौदों के जरिए लोगों से करोड़ों रुपये ठग लिए। जांच में बड़ा खुलासा हुआ संदीपा विरक खुद को hyboocare.com नाम की वेबसाइट की मालिक बताती थीं। जो कहने को तो FDA अप्रूव्ड ब्यूटी प्रोडक्ट बेचती थी लेकिन हकीकत में ये प्रोडक्ट्स नकली निकले। वेबसाइट पर न सही तरीके से रजिस्ट्रेशन हो सकता है, न पेमेंट गेटवे चलता है। सोशल मीडिया पर भी कोई खास मौजूदगी नहीं, व्हाट्सऐप नंबर बंद और कंपनी का ठिकाना तक साफ नहीं।
प्रतीकात्मक फोटो (istock)
इसके अलावा, ED को पता चला कि संदीपा विरक का संपर्क अंगरई नटराजन सेथुरमन से था, जो रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व डायरेक्टर रह चुके हैं। दोनों के बीच गैरकानूनी ‘लायजिंग’ के काम पर बातचीत होती थी। सेथुरमन के घर तलाशी में यह भी सामने आया कि उन्होंने निजी फायदे के लिए फंड्स का गलत इस्तेमाल किया।
जांच में यह भी पता चला कि 2018 में रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से करीब 18 करोड़ रुपये सेथुरमन को बिना किसी पुख्ता जांच के दे दिए गए। लोन की शर्तें इतनी ढीली थीं कि ब्याज और मूल रकम चुकाने की पाबंदी तक नहीं थी। इसके अलावा, रिलायंस कैपिटल लिमिटेड से उन्हें 22 करोड़ रुपये का होम लोन भी मिला, जो नियमों के खिलाफ था। इन पैसों का बड़ा हिस्सा गलत तरीके से खर्च किया गया और अब तक बकाया है
छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज, रिकॉर्ड और गवाहों के बयान मिले।ED ने 12 अगस्त को संदीपा विरक को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 अगस्त तक ED की कस्टडी में भेज दिया गया। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
