शादी करना हर किसी के जीवन का एक सुखद पल होता है लेकिन कुछ साइबर ठग लोगों के इसी सपने को अपना हथियार बना रहे हैं। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पुलिस ने एक ऐसे ही फर्जी मैरिज ब्यूरो का पर्दाफाश किया है, जो शादी के इच्छुक लोगों को AI से बनाई गई काल्पनिक लड़कियों की तस्वीरें दिखाकर ठगता था। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए देशभर के लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
पुलिस गिरफ्त में आरोपी प्रेमानंद यादव (Times Now Navbharat)
AI की खूबसूरत लड़कियों से शादी का झांसा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया (Social Media) पर कल्याण मैट्रिमोनी, एलिट मैच मैट्रिमोनी और फ्यूचर पार्टनर जैसे नामों से फर्जी प्रोफाइल चला रहा था। इन प्रोफाइल पर सुंदर और आकर्षक दिखने वाली युवतियों की तस्वीरें लगाई जाती थीं। ये तस्वीरें असली लड़कियों की नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से तैयार की जाती थीं।
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ऐसे लोगों को फंसाता था आरोपी
दुर्ग के एएसपी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि आरोपी सबसे पहले फेसबुक और इंस्टाग्राम पर शादी से जुड़े विज्ञापन और पोस्ट डालता था। इन पोस्ट को देखकर जब कोई व्यक्ति उससे कॉन्टैक्ट करता, तो उससे उसका बायोडाटा और पसंद पूछी जाती थी। इसके बाद व्यक्ति को उसकी पसंद की लड़की से शादी कराने का भरोसा दिया जाता था। इस बहाने सबसे पहले 2,000 रुपये जमा कराए जाते थे। फिर अलग-अलग वजह बताकर और रकम भी मांगी जाती थी। पैसे लेने के लिए क्यूआर कोड भेजे जाते थे। जैसे ही व्यक्ति पैसे जमा करता, उसका मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता और उससे कॉन्टैक्ट पूरी तरह बंद कर दिया जाता था।
पुलिस की दबिश में खुला पूरा खेल
इस फर्जीवाड़े (Fake Matrimony Bureau) की सूचना मिलने पर सुपेला पुलिस ने उत्तर गंगोत्री भवन स्थित परिसर में छापा मारा। यहां से पुलिस को संचालक परमानंद यादव और चार युवतियां मिलीं। पूछताछ में युवतियों ने बताया कि उन्हें नौकरी देने का झांसा देकर यहां बुलाया गया था। उन्हें हर महीने 7,000 रुपये वेतन देने की बात कही गई थी।
22 कीपैड मोबाइल समेत लाखों का सामान बरामद
पुलिस ने मौके से 22 कीपैड मोबाइल, चार एंड्रॉयड मोबाइल, 16 सिम कार्ड, कंप्यूटर, वाई-फाई उपकरण, बैंक पासबुक, चेकबुक और क्यूआर कोड बरामद किए। इसके अलावा 1.64 लाख रुपये नकद भी मिले। पुलिस के अनुसार, जब्त सामान और नकदी की कुल कीमत करीब 2.83 लाख रुपये है। जांच में पता चला कि यह फर्जी कॉल सेंटर करीब तीन महीने से चल रहा था। यहां रोजाना 20 से 50 कॉल किए या रिसीव किए जाते थे। पुलिस ने आरोपी परमानंद यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
