दिल्ली में गैंगवार का जाल फैलाने वाले हिमांशु भाऊ गैंग पर पुलिस ने एक और करारा वार किया है। क्राइम ब्रांच की पूर्वी रेंज-1 ने रात के अंधेरे में छापामारी कर गैंग का शातिर गुर्गा गोल्डी उर्फ विक्रांत को दबोच लिया। बदमाश के पास से एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
दिल्ली पुलिस की रेड से हिला गैंगस्टर नेटवर्क (फोटो: क्राइम ब्रांच दिल्ली पुलिस)
19 सितंबर की रात, जब ज्यादातर दिल्लीवाले नींद में थे, तभी हेड कांस्टेबल मोहित को खबर मिली कि गोल्डी राजधानी में हथियार लेकर घूम रहा है।
सूचना इतनी पक्की थी कि इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह ने तुरंत टीम बनाई। नरीना के सीमा सड़क भवन के पास जाल बिछाया गया। करीब 10 बजकर 10 मिनट पर मुखबिर ने इशारा किया और पुलिस ने बिजली की रफ्तार से गोल्डी को दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से हथियार निकला-दिल्ली की गलियों में खून बहाने के लिए तैयार देसी कट्टा।
गोल्डी कोई साधारण बदमाश नहीं है। वो कुख्यात हिमांशु भाऊ गिरोह का सक्रिय सदस्य है। हरियाणा के सोनीपत और रोहतक में उसके खिलाफ गंभीर केस दर्ज हैं। दिल्ली में भी उसके आपराधिक रिकॉर्ड की लंबी फेहरिस्त है। 2018 से 2019 तक कई एफआईआर, जिनमें आर्म्स एक्ट और मारपीट के केस शामिल हैं। इतना ही नहीं, एक मामले में तो अदालत ने उसके खिलाफ प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर (PO) की कार्यवाही भी शुरू कर दी थी।
26 साल का गोल्डी पूठ खुर्द का रहने वाला है। पढ़ाई-लिखाई करके ग्रेजुएट तो हुआ, लेकिन गलत संगत में पड़ा और कॉलेज से निकलते ही अपराध की दुनिया में कूद गया। पूछताछ में उसने खुद कबूल किया कि वो कई गैंगवार और वारदातों में शामिल रहा है। क्राइम ब्रांच का कहना है कि यह गिरफ्तारी हिमांशु भाऊ गैंग पर बड़ा झटका है। गोल्डी से पूछताछ कर गिरोह के बाकी सदस्यों और हथियार सप्लाई चेन की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
