NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक केस में सीबीआई ने एक बड़ी गलती हो गई है। सीबीआई के हाथ से असली आरोपी निकल गया और उसकी जगह पर अन्य शख्स गिरफ्तार हो गया। जिसके बाद दिल्ली की अदालत से इस शख्स को जमानत दे दी है।
नीट पेपर लीक केस में सीबीआई ने गलत शख्स को कर लिया गिरफ्तार
कैसे हो गई सीबीआई से गलती
दरअसल सीबीआई से ये गलती एक जैसा नाम होने से हुई। सीबीआई ने जिस शख्स को गिरफ्तार किया उसका नाम गंगाधर गुंडे है, जो गुरुग्राम का रहने वाला है, इसी नाम का एक आरोपी भी सीबीआई की लिस्ट में था, जिसपर पेपर लीक केस में शामिल होने का सीबीआई को शक था। अब एक जैसे नाम होने की वजह से इस शख्स को उत्तराखंड में पुलिस ने गिरफ्तार किया और सीबीआई को सौंप दिया। बाद में जाकर सच्चाई का पता चला।
देहरादून से हुई थी गिरफ्तारी
सीबीआई ने घोटाले गंगाधर गुंडे नामक शख्स को तब गिरफ्तार किया था, जब वो मसूरी जा रहा था। TOI के अनुसार आरोपी को पकड़ने में सीबीआई की मदद करने वाले देहरादून पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि "गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान गंगाधर गुंडे के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 60 साल है।" उन्होंने बताया, "25 जून को पुलिस को सीबीआई अधिकारियों से सूचना मिली थी कि नीट-यूजी पेपर लीक घोटाले के आरोपियों में से एक गुंडे देहरादून में है। इनपुट के आधार पर, हमने उसे ट्रैक किया, जब वह अपने परिवार के साथ मसूरी घूमने जा रहा था।"
नीट पेपर लीक केस
नीट प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों द्वारा देशभर में किए गए आक्रोश के बाद सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ले ली है। इस जांच के तहत सीबीआई ने अब तक मामले में छह एफआईआर दर्ज की हैं। बिहार में एक एफआईआर पेपर लीक से संबंधित है, जबकि गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में अन्य एफआईआर परीक्षा के दौरान नकल और नकल के मामलों से संबंधित हैं।
