Assam Child Marriage: असम में सरकार बाल विवाह के खिलाफ सख्त रूख अपनाती दिख रही है। हिमंत सरकार ने इसके खिलाफ अपना अभियान शुरू कर दिया। बाल विवाह के मामले में 1800 लोगों को असम पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
असम में बाल विवाह कानून सख्ती से लागू (प्रतीकात्मक फोटो- pixabay)
एक्शन में सीएम
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम में बाल विवाह पर व्यापक कार्रवाई में अब तक 1,800 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई सुबह तड़के शुरू हुई और यह अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने असम पुलिस से इस खतरे के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस की भावना' के साथ कार्रवाई करने को कहा है।
किस जिले में कितने केस दर्ज
सीएम का ट्वीट
असम सीएम ने ट्वीट कर कहा- "बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वर्तमान में राज्यव्यापी गिरफ्तारी चल रही है। अब तक 1800 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मैंने असम पुलिस से महिलाओं पर अक्षम्य और जघन्य अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की भावना के साथ कार्य करने को कहा है।"
कुल चार हजार से ज्यादा मामले दर्ज
क्या है कानून
असम सरकार ने 14 साल से कम उम्र की लड़कियों से शादी करने वाले पुरुषों को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण या POCSO अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का फैसला किया है,। वहीं जिन पुरुषों ने 14-18 साल की उम्र की किशोर लड़कियों से शादी की है, उन पर बाल विवाह अधिनियम निषेध के तहत आरोप लगाया जाएगा।
क्यों सरकार हुई सख्त
असम में बाल विवाह के कारण मातृ और शिशु मृत्यु दर की काफी ज्यादा है। सरकार का मानना है कि उच्च शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर का मुख्य कारण बाल विवाह है। राज्य में औसतन 31 प्रतिशत विवाह कम उम्र में ही होत जाते हैं। इसी को सरकार रोकने के लिए अब एक्शन ले रही है।
