अहमदाबाग में मर्डर...गला काटकर गांधीनगर में फेंका, फांसी हुई तो पैरोल पर भागा; 12 साल बाद हत्थे चढ़ा सतीश

सतीश वर्ष 2004 में पहली बार पैरोल पर बाहर आया और फरार हो गया था। बाद में नकली नोट मामले में पकड़ा गया और दोबारा जेल भेजा गया। वर्ष 2014 में फिर पैरोल मिलने के बाद वह दोबारा फरार हो गया और करीब 12 साल तक पुलिस को चकमा देता रहा।

अहमदाबाद : 1994 में अहमदाबाद की होटल में मर्डर करके गला काटा, गले को थैले में लेकर गांधीनगर फेंका, फांसी की सजा हुई तो पैरोल पे भाग गया, दूसरी बीबी और दो बच्चों के साथ 12 साल बाद पकड़ा गया। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने वर्ष 1994 के चर्चित नीलम होटल हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे और पिछले 12 साल से पैरोल जंप कर फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपनी पहचान बदलकर “संजय” नाम से नया जीवन शुरू कर दिया था और बेहद गोपनीय तरीके से रह रहा था।

Ahmedabad Neelam Hotel murder case

1994 अमदाबाद होटल मर्डर केस का आरोपी गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सतीश उर्फ भिखु रूपारेलिया उर्फ संजय के रूप में हुई है। वर्ष 1994 में उसने अपने साथी राजन पांचाल के साथ मिलकर कपड़ा व्यापारी अरविंदभाई शाह को सस्ते दाम पर सिल्क का माल दिलाने का झांसा देकर शाहिबाग इलाके की नीलम होटल में बुलाया था।

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