टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की कप्तानी छोड़ चुके विराट कोहली (Virat Kohl) अब पूरी तरह से अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन पर फोकस कर रहे हैं। अब उन पर कप्तानी की जिम्मेदारी नहीं है इसलिए वो जल्दी से जल्दी बल्ले से अपनी पुरानी लय वापस हासिल करना चाहेंगे क्योंकि अब वो टीम में सिर्फ एक खिलाड़ी के तौर पर शामिल हैं। पिछले दो साल विराट कोहली के लिए कुछ खास नहीं रहे हैं। क्या ये उनके करियर का सबसे खराब दौर है? आइए जानते हैं कि विराट ने आईपीएल में खेलते हुए दिल तोड़ने वाले क्षण और सबसे यादगार लम्हे के बारे में क्या कहा।
विराट कोहली ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम में दिल तोड़ने वाले क्षण और सबसे यादगार लम्हे पर भी बात करते हुए दिल खोलकर अपनी बात रखी। उन्होंने दिल तोड़ने वाले क्षण के बारे में कहा, "आईपीएल फाइनल 2016 और उसी साल वेस्टइंडीज के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में 2016 टी20 विश्व कप सेमीफाइनल।"
गौरतलब है कि विराट कोहली आईपीएल 2016 के दौरान जबरदस्त बल्लेबाजी कर रहे थे और वो पूरी तरह लय में थे। उन्होंने उस आईपीएल सीजन के 16 मैचों में 81.08 के औसत से 973 रन बनाए थे जो आज भी एक आईपीएल सत्र में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड है।
वहीं, सकारात्मक पहलू पर बात करते हुए विराट कोहली ने टीम की अगुवाई करते हुए सबसे यादगार लम्हे के रूप में आईपीएल 2016 का गुजरात लायंस के खिलाफ पहला क्वालीफायर मुकाबला चुना। आरसीबी की टीम मंगलवार को आईपीएल सत्र के अपने तीसरे मैच में राजस्थान रॉयल्स से भिड़ेगी और विराट एक बार फिर लय में लौटने का प्रयास करेंगे।

