पितृ पक्ष में CM योगी ने शाहजहां-औरंगजेब के खत का क्यों किया जिक्र? 'योगी की पाती' में दिया सनातन मूल्यों का संदेश

पितृ पक्ष के अवसर पर 'योगी की पाती' के जरिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने शाहजहां और औरंगजेब के प्रसंग का जिक्र कर सनातन मूल्यों और स्वच्छता अभियानों का संदेश दिया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पितृ पक्ष के मौके पर प्रदेशवासियों के नाम 'योगी की पाती' जारी की है। इसमें उन्होंने सनातन संस्कृति, पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता और पारिवारिक संस्कारों पर बल दिया है। अपने इस विशेष पत्र में मुख्यमंत्री ने इतिहास के प्रसिद्ध प्रसंग- आगरा किले में कैद शाहजहां और क्रूर औरंगजेब के बीच हुए पत्राचार का जिक्र करते हुए सनातन जीवन-पद्धति की महानता को रेखांकित किया। इसके साथ ही, सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से स्वस्थ उत्तर प्रदेश के निर्माण के लिए 1 से 31 अक्टूबर तक चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 12 से 31 अक्टूबर तक चलने वाले 'दस्तक' अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।

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सनातन मूल्यों और स्वच्छता अभियानों का संदेश दिया (X/@CMOfficeUP)

शाहजहां और औरंगजेब के प्रसंग से सनातन मूल्यों का संदेश

मुख्यमंत्री ने पत्र में आश्विन कृष्ण प्रतिपदा (27 सितंबर) से प्रारंभ हुए और आश्विन कृष्ण अमावस्या (10 अक्टूबर) तक चलने वाले पितृ पक्ष का महत्व बताते हुए लिखा कि इतिहास में एक प्रसिद्ध प्रसंग वर्णित है। आगरा किले में अपने पुत्र औरंगजेब की कैद में रह रहे शाहजहां ने पानी के लिए व्यग्र होकर उसे पत्र लिखा था। शाहजहां ने पत्र में सनातन परंपरा का उल्लेख किया, जिसमें दिवंगत पूर्वजों को भी जल अर्पित किया जाता है। वहीं, क्रूर औरंगजेब ने जीवित पिता को भी जल के लिए व्याकुल कर दिया। यह प्रसंग हमें बताता है कि पूर्वजों के प्रति श्रद्धा हमारी सनातन जीवन-पद्धति में कितनी गहराई से रची-बसी है। सीएम ने कहा कि पिंडदान और तर्पण हमें याद दिलाते हैं कि आज हमारी स्थिति में पूर्वजों के तप, त्याग और संस्कारों का बड़ा योगदान है। उन्होंने अपील की कि लोग वृद्धजनों का सम्मान करें और बच्चों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ें।

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