उत्तर प्रदेश में संभावित कम बारिश और मानसून की अनियमितता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को पहले से तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में पेयजल संकट की स्थिति नहीं होनी चाहिए। साथ ही जल संरक्षण को 'जन आंदोलन' बनाने और हर नागरिक को पानी बचाने के लिए जल संचयन एवं जल संरक्षण के प्रयासों से जोड़ने पर जोर दिया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
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यूपी में इस बार कम बारिश का अनुमान
मुख्यमंत्री ने यहां एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में मौसम की स्थिति, मानसून की प्रगति, पेयजल आपूर्ति तथा भूजल संरक्षण संबंधी कार्यों की समीक्षा की। राज्य सरकार द्वारा यहां जारी एक बयान के मुताबिक, मौसम विशेषज्ञों ने बैठक में मुख्यमंत्री को बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इस साल उत्तर प्रदेश में जून से सितंबर तक सामान्य से कम वर्षा होने के संकेत हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।
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यूपी में जल संचयन और भूजल संरक्षण पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने सिंचाई, पंचायतीराज, भूगर्भ जल, नमामि गंगे, राजस्व तथा कृषि विभाग को एक समेकित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये और कहा कि जल संरक्षण के प्रयास केवल विभागीय कार्यक्रमों तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें जनसहभागिता से जोड़ा जाए। बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने बैठक में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक प्रदेशवासी को जल संचयन एवं जल संरक्षण के प्रयासों से जुड़ना होगा।
(इनपुट - भाषा)
