खेती का 'योगी मॉडल'; गन्ने के खेत में लहलहाएगी सरसों-मूंग, यूपी को कृषि में आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी

उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश पर एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है। सोमवार को लखनऊ में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में सीएम योगी ने गन्ना किसानों की आय को कई गुना बढ़ाने के लिए 'अंतःफसली खेती' (Intercropping) को मिशन मोड में लागू करने का निर्देश दिया।

UP News: उत्तर प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गन्ना आधारित तिलहनी और दलहनी अंतःफसली यानी इंटरक्रॉपिंग खेती को मिशन मोड में लागू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मॉडल गन्ना किसानों की आय को केवल दोगुना नहीं, बल्कि कई गुना बढ़ाने की क्षमता रखता है और प्रदेश की कृषि को अधिक लाभकारी, सुरक्षित और टिकाऊ बनाएगा। लखनऊ में सोमवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ने के साथ सरसों, मसूर, उड़द और मूंग जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की अंतःफसल किसानों को अतिरिक्त उत्पादन के साथ स्थिर आय का भरोसा देती है।

yogi on intercropping in up

एक ही खेत में कई फसलों को उगाने पर जोर (फाइल फोटो)

सीमित भूमि में अधिक उत्पादन पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में कृषि योग्य भूमि का विस्तार अब संभव नहीं है। ऐसे में ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रति इकाई क्षेत्र अधिक उत्पादन ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने गन्ना आधारित अंतःफसली खेती को उत्तर प्रदेश के कृषि भविष्य का नया और व्यावहारिक मॉडल बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार यह मॉडल किसानों को तीन बड़े लाभ देता है, वो हैं अधिक उत्पादन, अधिक आय और फसल जोखिम से सुरक्षा।

End of Feed