यमुना को फिर जीवनरेखा बनाने की तैयारी; जानें क्या है दिल्ली सरकार का बड़ा एक्शन प्लान

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना नदी को राजधानी की जीवनरेखा बनाने के लिए वर्क प्लान लागू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 2028 तक यमुना में बिना ट्रीट किया गया गंदा पानी न गिरे। फिलहाल 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट 814 एमजीडी क्षमता पर काम कर रहे हैं, जिसे 1500 एमजीडी तक बढ़ाने की योजना है। इसके लिए अनधिकृत कॉलोनियों को सीवर से जोड़ने, ड्रोन निगरानी और औद्योगिक प्रदूषण पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना नदी को दोबारा राजधानी की जीवनरेखा बनाने के लिए बड़े स्तर पर कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री का साफ कहना है कि यमुना सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि दिल्ली के पर्यावरण और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। सरकार ने तय किया है कि साल 2028 तक यमुना में किसी भी तरह का बिना ट्रीट किया गया गंदा पानी नहीं गिरने दिया जाएगा। मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यमुना की मौजूदा स्थिति, सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम, नालों की सफाई, औद्योगिक प्रदूषण और सीवर नेटवर्क विस्तार जैसे मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में जल बोर्ड, नगर निगम, PWD, DPCC, DDA समेत सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Yamuna pollution Delhi action plan

2028 तक यमुना में बिना ट्रीट किया पानी नहीं गिरेगा (फाइल फोटो)

सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल दिल्ली के 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट रोजाना 814 एमजीडी गंदे पानी का उपचार कर रहे हैं। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार ने इसे बढ़ाकर 1500 एमजीडी करने का लक्ष्य तय किया है। इस योजना के तहत पुरानी मशीनों का अपग्रेडेशन दिसंबर 2027 तक अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जाएगी। वहीं 35 नए डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और नालों के पास बड़े नए प्लांट लगाकर दिसंबर 2028 तक सैकड़ों एमजीडी अतिरिक्त ट्रीटमेंट क्षमता विकसित की जाएगी। योजना पूरी होने के बाद यमुना में गंदे पानी की एंट्री पूरी तरह बंद हो जाएगी।

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