Women's Reservation Bill : महिला आरक्षण बिल पर विवाद के बीच शुक्रवार को टाइम्स नाउ कॉन्क्लेव 'नारी शक्ति (Times Now Conclave 'Unlocking Nari Shakti') पर टाइम्स ग्रुप की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ बातचीत में अपना पक्ष रखते हुए दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि देश की महिलाएं आगे बढ़ कर रहेंगी। 'वो फूल नहीं चिंगारी है'..नारी सब पर भारी है'...उन्होंने ये बात कहते हुए महिला शक्ति को देश की मजबूती का आधार बताया। उनका मानना है कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण मिलना उनका अधिकार है, ताकि वे देश की निर्णय प्रक्रिया और तरक्की में बराबर की भागीदारी निभा सकें।
टाइम्स नाउ कॉन्क्लेव 'नारी शक्ति में बातचीत करतीं सीएम रेखा गुप्ता
विपक्ष की आलोचना
रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर विशेष रूप से राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका कहना है कि विपक्ष 'डीलिमिटेशन' (परिसीमन) जैसे मुद्दों को बहाना बनाकर बिल को अटकाने और लटकाने की कोशिश कर रहा है, जो उनकी महिला-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
बिल का फार्मूला और अमित शाह का तर्क
गुप्ता ने कहा कि सरकार ने 50% सीटों में बढ़ोतरी का जो फार्मूला अपनाया है, वह वर्तमान प्रतिनिधित्व को प्रभावित किए बिना महिलाओं को 33% आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने इसे एक शानदार कदम बताया है। उनका तर्क है कि अगर कांग्रेस या अन्य पार्टियां वाकई गंभीर होतीं, तो इतने वर्षों के शासनकाल में यह बिल पहले ही पास हो चुका होता। वे मोदी सरकार की दृढ़ता की सराहना करती हैं।
रेखा गुप्ता साझा करती हैं कि नगर निगम में आरक्षण के कारण ही वे एक पार्षद बनीं और राजनीति में आगे बढ़ पाईं। उनका मानना है कि महिलाओं को राजनीति में आगे लाने के लिए आरक्षण एक अनिवार्य रास्ता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद के सभी प्रतिनिधि देशहित में अंतरात्मा की आवाज सुनेंगे और इस बिल को पारित करके आधी आबादी को उनका हक देंगे।
विकास का विजन और नारी शक्ति
रेखा गुप्ता ने जोर दिया कि 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए आधी आबादी यानी महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया और नीति निर्धारण में सक्रिय भूमिका देनी होगी। उन्होंने इसे देश की तरक्की के लिए अनिवार्य बताया है। उनका का तर्क है कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह कहा कि क्रेडिट की कोई लड़ाई नहीं है और वह ब्लैंक चेक देने को तैयार हैं, तब भी विपक्ष का नकारात्मक रवैया उनकी 'इनसिक्योरिटी' (असुरक्षा) को दर्शाता है। उन्होंने इसे राजनीतिक नकाब हटाने वाली स्थिति बताया है।
'शाह बानो' केस का जिक्र
रेखा गुप्ता ने कांग्रेस के पुराने इतिहास का जिक्र करते हुए 'शाह बानो' केस को महिलाओं के खिलाफ लिया गया एक काला निर्णय बताया, जो कांग्रेस की महिला-विरोधी नीतियों का उदाहरण है।
