जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की कुछ छात्राओं की ओर से एक प्रोफेसर पर लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर दिल्ली महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की चेयरपर्सन लता गुप्ता ने सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो का संज्ञान लेते हुए जेएनयू प्रशासन से पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (प्रतीकात्मक फोटो)
वीडियो में छात्राओं ने आरोप लगाया है कि उन्होंने मई 2026 में संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ जेएनयू के कुलपति को शिकायत दी थी, लेकिन अब तक उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय संबंधित प्रोफेसर को बचाने की कोशिश कर रहा है।
जेएनयू प्रशासन से जानकारी मांगी गई है
हालांकि, दिल्ली महिला आयोग ने इन आरोपों को अभी सही तथ्य नहीं माना है। आयोग ने कहा है कि मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जेएनयू प्रशासन से जानकारी मांगी गई है। इसी के तहत कुलपति को नोटिस जारी कर शिकायत पर अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा देने को कहा गया है।
जेएनयू प्रशासन को तीन दिन के भीतर ATR जमा करने का निर्देश
आयोग ने जेएनयू से यह भी पूछा है कि मई में मिली शिकायत को क्या POSH Act के तहत गठित Internal Complaints Committee यानी ICC के पास भेजा गया था। अगर शिकायत ICC के पास भेजी गई थी, तो समिति ने अब तक क्या कार्रवाई की, जांच की मौजूदा स्थिति क्या है और विश्वविद्यालय या ICC की ओर से क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी जानकारी भी मांगी गई है। दिल्ली महिला आयोग ने जेएनयू प्रशासन को तीन दिन के भीतर Action Taken Report यानी ATR जमा करने का निर्देश दिया है। अगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है तो उसके कारण भी स्पष्ट रूप से बताने को कहा गया है।
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कानून के मुताबिक जरूरी कार्रवाई
चेयरपर्सन लता गुप्ता ने कहा कि जब भी किसी महिला या छात्रा की ओर से यौन उत्पीड़न की शिकायत की जाती है, तो उस पर कानून और तय प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष, जल्द और संवेदनशील तरीके से कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आयोग का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि हर शिकायत की उचित जांच हो और प्रशासनिक देरी या लापरवाही के कारण शिकायतकर्ता न्याय से वंचित न हो।जेएनयू से रिपोर्ट मिलने के बाद दिल्ली महिला आयोग उपलब्ध तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर मामले की आगे जांच करेगा और कानून के मुताबिक जरूरी कार्रवाई करेगा।
