आइना... मेरे होने की निशानी मांगे: कागजों में मरा असल में जिंदा हूं, सबूत हूं, फिर भी बीवी को विधवा पेंशन दे रहा प्रशासन

एमपी के छतरपुर में एक जिंदा आदमी को जीते जी कागजों में मार दिया गया। इतना ही नहीं, उसकी पत्नी को पिछले एक सालों से विधवा पेंशन योजना के पैसे भी दिए जा रहे हैं। शख्स पने जिंदा होने के सबूत देने के लिए सरकारी दफ्तरों के जक्कर काट रहा है-

KEY HIGHLIGHTS
  • पति जिंदा फिर भी कागजों में विधवा पत्नी
  • लाडली बहन योजना का भरा था फार्म
  • सालभर से जिंदा होने का सबूत दे रहा पति

Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के छतरपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिस में एक महिला को कागजों में विधवा बना दिया गया है। इतना ही नहीं, जिंदा इंसान की पत्नी को एक साल से विधवा पेंशन भी दी जा रही है। बृजेश विश्वकर्मा पिछले एक साल से अपने जिंदा होने का सबूत दे रहे हैं। लेकिन, अभी तक उनकी पत्नी कागजों में विधवा बनी हुई है। नगर परिषद के लापरवाह कर्मचारियों की वजह से एक जिंदा आदमी अपने जिंदा होने का प्रमाण देने के लिए दर-दर भटक रहा है।

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पति के जिंदा रहते कागजों में महिला को बना दिया गया विधवा

लाडली बहन योजान का भरा था फार्म

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