जंगल बचाने के लिए 1.47 लाख पेड़ क्यों काट रहा मध्य प्रदेश? कटाई के पीछे क्या है बड़ी वजह, जानें

मध्य प्रदेश के डिंडौरी के साल जंगलों में हार्टवुड बोरर कीट का बड़ा प्रकोप सामने आया है। इससे निपटने के लिए केंद्र ने 1.47 लाख संक्रमित साल के पेड़ों की कटाई को मंजूरी दी है।

मध्य प्रदेश के डिंडोरी के जंगलों में इन दिनों एक अजीब तस्वीर देखने को मिल रही है। जंगल को बचाने के लिए बड़ी संख्या में साल के पेड़ों की कटाई की जा रही है। केंद्र सरकार ने हाल ही में करीब 1.47 लाख संक्रमित साल के पेड़ों को काटने की मंजूरी दी है। इसके पीछे वजह कोई सड़क, खनन या विकास परियोजना नहीं, बल्कि एक खतरनाक कीड़ा है, जिसे साल हार्टवुड बोरर के नाम से जाना जाता है। यह कीड़ा साल के पेड़ों को अंदर से कमजोर कर उन्हें खत्म कर सकता है। ऐसे में संक्रमित पेड़ों को हटाने के साथ-साथ जंगल में इस कीड़े की संख्या को काबू करने की कोशिश की जा रही है।

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MP में साल जंगलों में कीट का प्रकोप (सांकेतिक फोटो)

क्या है साल हार्टवुड बोरर?

साल हार्टवुड बोरर, एक तरह का लॉन्गहॉर्न बीटल है। इसे साल के पेड़ों के लिए बेहद नुकसानदायक कीट माना जाता है। इसका खतरा कोई नया नहीं है। भारत में 1897 से ही यह कीट इन पेड़ों के लिए एक बड़ा अभिशाप रहा है। यह कीड़ा हर पेड़ पर एक जैसा हमला नहीं करता। आम तौर पर कमजोर और कम स्वस्थ पेड़ इसकी चपेट में अधिक आते हैं। हालांकि, जब पेड़ की परिधि 20 सेंटीमीटर से ज्यादा हो जाती है, तो यह अलग-अलग उम्र के साल के पेड़ों को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

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