आखिर कब शुरू होगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे? Delhi-Mumbai Expressway का काम कब पूरा होगा? अगर ये प्रश्न आपके भी हैं तो यकीन मानिए आप अकेले नहीं हैं। देश में खासतौर पर दिल्ली और मुंबई के साथ ही जयपुर, गुरुग्राम, सोहना, कोटा, रतलाम, वडोदरा और सूरत जैसे शहरों के लोगों का भी यही प्रश्न है। हालांकि, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के कई हिस्से आम जनता के लिए खुल चुके हैं। जिसमें गुरुग्राम से दौसा तक का सेक्शन भी शामिल है। जब ऐसा ही प्रश्न सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के सामने आया तो उन्होंने क्या जवाब दिया, यहां जानें -
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण कब पूरा होगा?
कल यानी गुरुवार 28 नवंबर को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुजरात के सूरत में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की प्रगति को रिव्यू किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस महत्वकांक्षी परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने की भरसक कोशिश हो रही है।
12 घंटे में हो जाएगा सफर
एक बार जब दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा हो गया तो 1350 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे राजधानी दिल्ली को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ देगा। इससे दोनों महानगरों के बीच की दूरियां काफी कम हो जाएंगी। अभी दोनों शहरों के बीच सड़क मार्ग से सफर करने में 24 घंटे का समय लगता है, जो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का काम पूरा होने के बाद मात्र 12 घंटे का रह जाएगा।
नितिन गडकरी ने सूरत में इस एक्सप्रेसवे के निर्माणाधीन हिस्से का जायजा लिया और पत्रकारों से बात भी की। गडकरी ने कहा, 'हम इस परियोजना के रास्ते में आने वाली सभी समस्याओं को दूर करते हुए इसे जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। सड़क अच्छी बनी है। हम बेस्ट टेक्नोलॉजी पनाकर छोटी-मोटी कमियों को भी ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं।'
लॉजिस्टिक कॉस्ट होगी कम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस 8 लेन के एक्सप्रेसवे की क्वालिटी की जांच की गई है और यह वाहन चालकों के लिए सुविधाजनक और आरामदायक है। इस सड़क को ग्रीन कवर देने के लिए हाईवे के दोनों तरफ पेड़ लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा, मेरा सपना है कि मैं भविष्य में इस रोड पर इलेक्ट्रिक ट्रक और बसों को दौड़ते हुए देखूं। लॉजिस्टिक कॉस्ट को कम करने के लिए हमने इस एक्सप्रेसवे पर विश्व की सबसे अच्छी तकनीक का इस्तेमाल किया है।
गडकरी ने कहा, मुझे विश्वास है कि एक बार इस सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा तो पर्यटकों और आम लोगों का सफर ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि 2019 में इस एक्सप्रेसवे की नींव रखी गई थी और यह उत्तर प्रदेश व राजस्थान को भी जोड़ेगा। ताकि जो लोग इन राज्यों से सीधे दिल्ली या मुंबई जाना चाहते हैं, उन्हें भी सुविधा मिले।
गडकरी ने सभी को धन्यवाद कहा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सड़क देश के इतिहास में खास है। दुनियाभर में इतनी लंबी और इतनी चौड़ी सड़कें कम ही हैं। हमारे इंजीनियरों, ठेकेदारों और विशेषतौर पर राज्य सरकारों का धन्यवाद, जिनके कारण यह प्रोजेक्ट पूरा होने के करीब पहुंचा है। सूरत के बाद गडकरी नवसारी भी गए और इसके बाद उन्होंने दक्षिण गुजरात के वलसाड जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की प्रोग्रेस देखी।
बता दें कि देश का सबसे लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कई राज्यों (हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र) के बड़े आर्थिक केंद्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मुहैया कराएगा।
