नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में रविवार तड़के बादल फटने और भूस्खलन की दो अलग-अलग घटनाओं में पांच बच्चों समेत चार परिवारों के सात सदस्यों की मौत हो गई। टाइम्स नाउ नवभारत नवभारत की संवाददाता भावना गुप्ता ने हादसे वाली जगह पर पहुंचकर ग्राउंड जीरो का जायजा लिया और तबाही के खौफनाक मंजर को दिखाया।
कठुआ में टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्टर ने लिया हालात का जायजा
लोग इस इलाके में बादल फटने के बाद से डरे हुए है। यहां लोगों का रो रोकर बुरा हाल है। सब कुछ अचानक हुआ और किसी के समझ में नहीं आया कि आखिर हुआ क्या। आसमान से एक जोर की गड़गड़ाहट हुई और फिर जैसे पूरे गांव पर मौत का साया छा गया। कई घरों में मिट्टी और पानी में धस चुके हैं। घरों के किचन बैडरूम उसमें रखे अलमारी फ्रिज सभी पानी में और दलदली मिट्टी में सन चुके है।
एक रात में सब कुछ बर्बाद हो गया
टाइम्स नाउ नवभारत की संवाददाता भावना गुप्ता को स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां सबकुछ बर्बाद हो गया है। लोगों ने बताया कि कर्ज लेकर सभी कुछ बनवाया था खेती करते थे ना हमारे पास घर बचा ना खेत। हमारे पशु भी इस मिट्टी के अंदर दबे हुए हैं गाडियां इस दलदली मिट्टी के अंदर दबी हुई है। घरों में मटमैला पानी भर चुका है अनाज के कमरों में पानी भरा हुआ है लाखों का अनाज बर्बाद हो चुका है।
सड़कों का नामोनिशान नहीं बचा
जहां कभी अच्छी सड़के हुआ करती थी, बच्चे खेलते थे लोग, काम पर जाया करते थे अब वहां सड़के अब टूट चुकी है । कनेक्टिविटी ठप है और बिजली नहीं है । अब यहां सिर्फ सड़कों पर पत्थरों के ढेर हैं। घाटी और जंगलोट में जैसे समय थम गया। जिले में रात भर हुई भारी बारिश के बीच राजबाग के जोध घाटी गांव और और जंगलोट में यह आपदा आई जिससे जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया और कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है।
सरकार की तरफ से मिली मदद
वित्तीय सहायता में मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपये तथा मामूली रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता शामिल है। संरचनात्मक क्षति के लिए, पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों के लिए एक लाख रुपये, गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 50,000 रुपये तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 25,000 रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें पूर्ण सहायता प्रदान करने के लिए तत्काल राहत, बचाव और निकासी उपाय करने के निर्देश दिए।
