दिल्ली में यमुना नदी के लगातार उफान पर होने से निचले इलाकों में बाढ़ा का खतरा पैदा हो गया है। यमुना का जलस्तर बढ़ने सेयमुना बाजार के रिहायशी इलाके में पानी घुस गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज यमुना बाजार स्थित रिहायशी इलाके का दौरा किया और जनता की शिकायतें सुनीं। यहां उफान पर चल रही यमुना नदी का पानी घुस गया है।
यमुना बाजार स्थित रिहायशी इलाके में यमुना का पानी घुसने पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। सुबह जलस्तर 206 मीटर के करीब था, लेकिन अभी तक यह इस स्तर को पार नहीं कर पाया है। एक-दो दिन में पानी कम हो जाएगा। हम यहां भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। दिल्ली में बाढ़ की कोई स्थिति नहीं है।
दिल्ली में यमुना का जलस्तर निकासी स्तर के करीब पहुंचा
दिल्ली के पुराने रेलवे पुल पर यमुना नदी का जलस्तर मंगलवार सुबह आठ बजे 205.79 मीटर तक पहुंच गया, जो निकासी स्तर 206 मीटर से थोड़ा कम है। नदी का जलस्तर सोमवार दोपहर को 205.55 मीटर तक पहुंच गया था, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर गया था और तब से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियों को बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।
केंद्रीय बाढ़ कक्ष के एक अधिकारी ने बताया, यमुना का जलस्तर मुख्यतः वज़ीराबाद और हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण बढ़ रहा है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, वर्तमान में हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे लगभग 38,361 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है और वजीराबाद बैराज से हर घंटे 68,230 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पुराना रेलवे पुल नदी के प्रवाह और संभावित बाढ़ के खतरों पर नजर रखने के लिए एक प्रमुख अवलोकन बिंदु के रूप में कार्य करता है।
दिल्ली के लिए चेतावनी चिह्न 204.50 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर है और निकासी 206 मीटर पर शुरू होती है। बैराज से छोड़े गए पानी को दिल्ली पहुंचने में आमतौर पर 48 से 50 घंटे लगते हैं। ऊपरी इलाकों से कम पानी छोड़े जाने से भी जलस्तर बढ़ रहा है, जो दिल्ली में चेतावनी के निशान के करीब पहुंच गया है।
