Vrindavan News: वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद और साफ हो गया है। 25 वर्षीय साधक के शव का पोस्टमार्टम 26 सितंबर को दोपहर 2 बजे से 2:40 बजे के बीच किया गया था। करीब 40 मिनट तक चली इस प्रक्रिया में डॉक्टरों ने शव की बाहरी और अंदरूनी दोनों तरह से जांच की। रिपोर्ट में शरीर पर मिले चोटों का भी जिक्र किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद उनकी मौत की वजह से जुड़े अहम तथ्य सामने आए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बताया कैसे हुई रसिक दुलारी शरण की मौत (फोटो- ANI)
प्राइवेट पार्ट शरीर से अलग पाया गया
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, रसिक दुलारी शरण के शव की बाहरी जांच में शरीर दो हिस्सों में पाया गया। उनका प्राइवेट पार्ट शरीर से अलग था। जांच में शरीर पर कुल पांच चोटों के निशान दर्ज किए गए। इनमें सिर पर 14 टांके लगा हुआ घाव, बाएं निचले होंठ पर फटा हुआ घाव, ठुड्डी पर फटा हुआ घाव, प्राइवेट पार्ट पर पांच टांकों वाला घाव और टखने से पैर तक फैला हुआ फटा घाव शामिल था। वहीं, शरीर की अंदरूनी जांच में खोपड़ी के पिछले हिस्से में खून का थक्का पाया गया। इसके अलावा हेयरलाइन फ्रेक्चर भी दर्ज किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मस्तिष्क का रंग सामान्य से अलग और काफी पीला पाए जाने का भी जिक्र किया गया है।
पसलियों में फ्रैक्चर, फेफड़ा भी फटा हुआ मिला
इसके अलावा रसिक दुलारी शरण की छाती के बाईं ओर 5वीं से 8वीं नंबर तक की पसलियों में फ्रैक्चर पाया गया। जांच के दौरान उनका बायां फेफड़ा भी फटा हुआ मिला, जबकि दोनों फेफड़ों का रंग पीला दर्ज किया गया है। छाती की गुहा में खून और खून के जमे हुए थक्के भी पाए गए। रिपोर्ट में प्राइवेट पार्ट के कटे होने का भी जिक्र है, जबकि गुदा में किसी तरह की चोट नहीं मिली। वहीं, पोस्टमार्टम के दौरान रीढ़ की हड्डी को खोलकर उसकी जांच नहीं की गई थी।
मौत की असल वजह क्या सामने आई?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रसिक दुलारी शरण की मौत की वजह भी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, गंभीर चोटों के कारण बहुत ज्यादा खून बह जाने से हेमरेजिक शॉक (Hemorrhagic Shock) से उनकी मौत हुई है। यह मामला मेडिको-लीगल केस के तौर पर दर्ज है। पोस्टमार्टम जांच में सिर, छाती और प्राइवेट पार्ट समेत शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर गंभीर चोटें मिलने की बात सामने आई है।
