Varanasi Gun Factory: विधानसभा चुनाव से पहले वाराणसी पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। शिवाजी नगर कॉलोनी के बीचोबीच चल रही अवैध गन फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस की छापेमारी में भारी मात्रा में तैयार और अधबने हथियार, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने वाले औजार बरामद हुए हैं। दरअसल, पिछले दिनों लंका इलाके में असलहा तस्करों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी थी। इस हमले में सिपाही अमित शुक्ला घायल हो गया था। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन तस्करों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उन्होंने शिवाजी नगर कॉलोनी में गन फैक्ट्री चलने की जानकारी दी।
वाराणसी अवैध गन फैक्ट्री (फोटो साभार- TNN)
रिहायशी मकान में चल रही थी फैक्ट्री
गिरफ्तार तस्करों की निशानदेही पर रविवार को पुलिस ने शिवाजी नगर कॉलोनी के एक मकान पर छापा मारा। अंदर का नजारा देख पुलिस भी हैरान रह गई। दो कमरों में ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन और हथियार बनाने के 61 तरह के औजार लगे थे। यहीं पर देसी पिस्तौल और कट्टे तैयार किए जा रहे थे। छापेमारी के दौरान मौके से 3 देसी पिस्तौल, 143 जिंदा कारतूस, 19 बैरल और बड़ी संख्या में स्प्रिंग, ट्रिगर और बॉडी बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक, यहीं से वाराणसी समेत आसपास के जिलों में हथियारों की सप्लाई होनी थी।
पुलिस की बड़ी चूक भी उजागर
सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहर की घनी रिहायशी कॉलोनी में महीनों से गन फैक्ट्री चल रही थी और स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लगी। वेल्डिंग और ड्रिल मशीन की आवाज के बावजूद किसी ने शिकायत नहीं की, यह भी जांच का विषय है।
दो तस्कर गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान पुलिस ने अमन मिश्रा और विमल कांत झा नाम के दो तस्करों को मौके से गिरफ्तार किया। इस गैंग का मुख्य सरगना अंजनी नंदन झा पहले ही लंका फायरिंग केस में गिरफ्तार हो चुका है।पुलिस आयुक्त ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम को 1 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस फैक्ट्री से अब तक कितने हथियार बाजार में खपाए जा चुके हैं और इसके तार किन जिलों से जुड़े हैं।
