Manipur Violence: मणिपुर में भड़की हिंसा के कारण बुरा हाल है। इस हिंसाग्रस्त इलाके में उत्तर प्रदेश के करीब पांच दर्जन से ज्यादा छात्र-छात्राएं एनआईटी इंफाल में फंस गए हैं। इसमें ज्यादातर छात्र-छात्राएं वाराणसी और गोरखपर से हैं। छात्रों का कहना है कि वे इस इस वक्त एनआईटी इंफाल के कैंपस में ही मौजूद हैं।
मणिपुर हिंसा में फंसे उत्तर प्रदेश के छात्र-छात्राएं
हमारे सहयोगी एनबीटी ऑनलाइन से बातचीत में एनआईटी के छात्र प्रदुम्मना कुमार ने बताया कि पूरे क्षेत्र में तीन मई से हिंसा भड़की हुई है, जिस कारण छात्रों का बुरा हाल है। छात्रों ने योगी सरकार से उन्हें बाहर निकालने की गुहार लगाई है।
मिल रहा एक वक्त का खाना
छात्र ने बताया है कि हिंसा के बाद से छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं में कटौती की गई है। उन्हें मात्र एक वक्त का खाना दिया जा रहा है। दिनभर में मात्र एक पानी की बोतल से गुजारा करना पड़ रहा है। छात्रों ने बताया कि अभी भी दूरदराज के इलाकों से गोलीबारी की आवाज सुनाई दे रही है और धुएं के गुबार उठते दिखाई दे रहे हैं।कई राज्यों के छात्रों ने छोड़ा हॉस्टल
छात्रों ने बताया, कई राज्यों के छात्र हिंसा भड़कने के बाद हॉस्टल छोड़कर अपने घर निकल गए हैं, लेकिन हम लोगों को निकालने का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। उन्होंने बताया, करीब 50 से 60 छात्र हैं, जिसमें 20 से ज्यादा लड़कियां हैं। छात्रों ने बताया कि हमें रात में खिड़की और दरवाजे बंद रखने को कहा जाता है।अब तक 54 की मौत
बता दें, मणिपुर में भड़की जातीय हिंसा में अब तक करीब 54 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां लगातार सेना व सीआरपीएफ की टुकड़ियां गस्त कर रही हैं। इंसाल घाटी में शनिवार को दुकानें खुलीं और लोगों की थोड़ी बहुत आवाजाही शुरू हुई है। उधर, छात्रोंं का कहना है कि उन्हें यहां बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने योगी सरकार से जल्द से जल्द उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की गुहार लगाई है।
