Varanasi News: वाराणसी समेत सूबे के 17 जिलों को अब दूषित पेयजल की समस्या से निजात मिल जाएगी। नए साल में इन जिलों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति को लेकर कवायद तेज कर दी गई है। इन जिलों का चयन सर्वे करके किया गया है। सर्वे में पाया गया था की सूबे के इन 17 जिलों में सबसे दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। इसका कारण बताया गया ह कि जर्जर एवं पुरानी पाइपलाइन। अब केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार मिलकर सभी जर्जर एवं पुरानी पाइपलाइन को बदलेगी। इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
वाराणसी में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए योजन पर चर्चा करते अधिकारी। फाइल फोटो
इस योजना को साकार करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार 50-50 प्रतिशत राशि खर्च करने वाली है। सूबे की हाई पावर कमेटी ने इस योजना के प्रस्ताव को मंजूर कर दिया है। अब यह प्रस्ताव केंद्र सरकार से मंजूर होना है। बता दें दूषित पेयजल की आपूर्ति से इन जिलों के लोग संक्रामक एवं पेट जनित बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। रोगियों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।
शिकायत मिलने पर कराया गया था सर्वेसूबे में दूषित पेयजल आपूर्ति की लगातार शिकायत आ रही थी। इन्हीं शिकायतों के आधार पर यह सर्वे कराया गया था। सर्वे के दौरान यह बात सामने आई कि उन क्षेत्रों में दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायत अधिक है, जहां की पाइपलाइन वर्षों से नहीं बदली गई है। सूबे के कई शहरों एवं जिलों में यह समस्या है, लेकिन 17 जिलों में स्थिति बेहद बुरी है। ऐसे में जल निगम ने इन जिलों के लिए डीपीआर बनाई है।
