Tent City on Saryu Bank: वाराणसी में गंगा नदी किनारे बसाई गई टेंट सिटी की तर्ज पर सरयू तट पर टेंट सिटी बसाई जाएगी। इसके लिए कनाडा से आए उद्यमियों के दल ने प्रस्ताव दिया है। उद्यमी और राज्य सरकार लखनऊ में होने वाली इंवेस्टर्स समिट में इसका एमओयू साइन करेंगे। इन्वेस्टर्स समिट में प्रतिभाग करने आए कनाडा के चिकित्सकों का 10 सदस्यीय दल अयोध्या पहुंचा था।
वाराणसी में बनी टेंट सिटी की तर्ज पर सरयू तट पर बनेगी टेंट सिटी
इस दल के सदस्यों ने रामलला के दरबार में मत्था टेका और अन्य मंदिरों का भी दर्शन-पूजन किया। डॉक्टरों की टीम ने चौधरीचरण सिंह घाट स्थित हैलीपैड स्थल, रामकथा पार्क के पास स्थित शिल्पग्राम की जमीन को भी देखी। इस टीम का कहना है कि अस्थाई हैलीपैड स्थल को टेंट सिटी में बदले जाने के लिए उचित जगह है।
टेंट सिटी बनी तो पर्यटन को मिलेगी उड़ान
सरयू नदी के तट पर टेंट सिटी बसाए जाने से यहां के पर्यटन को नई उड़ान मिल जाएगी। उद्यमियों की टीम ने शिल्पग्राम की जमीन पर तीर्थयात्री सुविधा केंद्र बनाने की इच्छा जताई है। शिल्पग्राम का निर्माण मायावती सरकार में कराया गया था। फिलहाल यह बेकार पड़ा है।
11 हजार करोड़ के निवेश की तैयारी
अयोध्या में करीब 11 हजार करोड़ रुपए के निवेश की तैयारी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां पर्यटन की कितनी अधिक संभावनाए हैं। इसके साथ ही पर्यटन से जुड़ी सभी योजनाएं धरातल पर उतरीं तो यहां पर्यटन का दायरा कितना बढ़ जाएगा।
वाराणसी टेंट सिटी में क्या है खासियत
टेंट सिटी के अंदर घंट-घड़ियालों की आवाज के साथ गंगा आरती होगी। इसकी लाइव राग के साथ सुबह शुरू होगा। पर्यटक बनारस घराने के सभी वाद्य यंत्रों की मधुर धुन सुन पाएंगे, जिनमें विशेष रूप से शहनाई, सारंगी, सितार, संतूर की धुन और तबले की थाप सुनने को मिलेगी। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की टेंट सिटी में सभी पर्यटकों की हर स्तर पर सुविधाएं मिलेंगी। इसमें रेस्टोरेंट, स्पा, जिम, योग केंद्र आदि बनाए गए हैं।
जीआई उत्पादों और ओडीओपी को मिलेगा बाजार
टेंट सिटी में उत्तर प्रदेश के जीआई और ओडीओपी उत्पादों एवं अन्य हस्तशिल्प उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। पर्यटक यहां के प्रसिद्ध मलइयो, ठंडई, चाट, बनारसी पान का स्वाद ले सकेंगे। इस टेंट सिटी में पर्यटक लग्जरी होटल की सुविधाओं का लुत्फ उठा सकेंगे। टेंट सिटी में पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर यहां अस्थाई चौकी बनाई गई है। मैदागिन से दशाश्वमेध तक इस नवगठित पर्यटक चौकी का इलाका होगा। चौकी 24 घंटे काम करेगी।
