कहानी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी वाराणसी की है। यहां एक बुजुर्ग रिटायर्ड डॉक्टर की तबीयत खराब थी। लेकिन इसके बावजूद वह बैंक गए और अपनी FD तोड़ने के लिए रिक्वेस्ट दी। जब बैंक में उनसे FD तोड़ने का कारण पूछा गया तो वह नाराज हो गए। फिर कुछ ऐसा हुआ कि बैंक मैनेजर को पुलिस बुलानी पड़ी। जानिए पूरा माजरा क्या है -
साइबर ठगी का शिकार हुए बुजुर्ग डॉक्टर (फोटो - AI Image)
वाराणसी में 74 वर्षीय एक रिटायर डॉक्टर महेश प्रसाद को साइबर ठगों ने 1.10 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार बनाया। ठगों ने उन्हें 538 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाया। घटना लठिया स्थित यश विहार कॉलोनी की है।
ये भी पढ़ें - पति-पत्नी में झगड़ा हुआ, पति काम पर चला गया; पत्नी ने फोन कर बुलाया और तरबूज में जहर देकर मार डाला
डॉक्टर की सेहत खराब होने के बावजूद, उन्होंने ठगों के कहने पर बैंक जाकर पैसे ट्रांसफर किए। ठगों ने उन्हें 8 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और कहा कि उनके खिलाफ मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है। महेश प्रसाद मूल रूप से बिहार के मुंगेर में सरकारी डॉक्टर थे।
डॉ. महेश प्रसाद को 8 मई को ठगों ने फोन किया। ठगों ने उन्हें धमकी दी कि उनका मोबाइल नंबर दो दिन में बंद हो जाएगा। जब उन्होंने कॉल किया, तो उन्हें बताया गया कि मामला गंभीर है और उन्हें मुंबई आने के लिए कहा गया। डॉक्टर ने 11 मई को वंदे भारत ट्रेन से वाराणसी लौटने के बाद बैंक जाकर 1.10 करोड़ रुपये ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।
ये भी पढ़ें - पटना के सबसे सस्ते इलाके, किराये पर रहने के लिए बेस्ट
इसके बाद जब उन्होंने HDFC बैंक में FD तुड़वाने का प्रयास किया, तो बैंक मैनेजर ने पुलिस को बुलाया। साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय नारायण मिश्रा ने बताया कि डॉक्टर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच की जा रही है।
