जन प्रतिनिधियों ने 'धोखा दिया', सरकार ने नहीं बनाया तो ग्रामीणों से सेल्फ फंडिंग करके शुरू करवाया ब्रिज का काम

जन प्रतिनिधि जब जनता से मुंह फेर लें, अधिकारी भी सिर्फ आश्वासन देकर रह जाएं तो फिर जनता के पास कोई रास्ता नहीं बचता। ऐसा ही कुछ हुआ यूपी के गाजीपुर में, जहां 50 से ज्यादा गांवों के लोगों को नदी पर ब्रिज बनाने के लिए क्राउड फंडिंग का सहारा लेना पड़ा

जनता चाहे तो क्या नहीं कर सकती। पद के नशे में चूर अधिकारी जब काम नहीं करते तो जनता फिर अपनी ताकत दिखाती है। जब जनता अपने हाथ में किसी काम को लेती है तो फिर उसके सामने सीमाएं नहीं होतीं। ऐसा ही कुछ हुआ है उत्तर प्रदेश के गाजिपुर जिले में। यहां मगई नदी के ऊपर 108 फीट ऊंचा ब्रिज बनाया जा रहा है। ब्रिज निर्माण का काम अभी चल ही रहा है। लेकिन बड़ी बात ये है कि इसमें प्रशासन का कोई हाथ नहीं है। बल्कि ग्रामीणों ने क्राउड फंडिंग के जरिए 1 करोड़ रुपये इकट्ठा करके इस ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू करवाया है।

crowdfunded bridge

पैसा इकट्ठा कर ब्रिज बनवा रहे ग्रामीण

अधिकारियों ने बार-बार इस ब्रिज को बनाने का आश्वासन तो दिया, लेकिन कभी जमीन पर काम नहीं किया। इससे तंग आकर स्थानीय निवासियों ने इस पूरे मैटर को अपने हाथ में लिया और पिछले कुछ महीनों में स्थानीय लोगों ने दिन-रात एक करके 1 करोड़ रुपये का चंदा जुटाकर इस प्रोजेक्ट के लिए फंड जुटाया है।

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