बेटे की बीमारी दूर होने की कामना लेकर गए थे मंदिर, घर लौटते वक्त चाइनीज मांझे ने छीन ली जिंदगी, वाराणसी में साड़ी कारोबारी की मौत

Varanasi News: वाराणसी में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने एक और जान ले ली। नवरात्रि के पहले दिन मंदिर में दर्शन कर घर लौट रहे 55 वर्षीय साड़ी कारोबारी की गर्दन मांझे से कट गई, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

Varanasi News: उत्तर प्रदेश में प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझे से होने वाले जानलेवा हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वाराणसी में नवरात्रि के पहले दिन एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां मंदिर में दर्शन कर बाइक से घर लौट रहे 55 वर्षीय साड़ी कारोबारी की गर्दन चाइनीज मांझे की चपेट में आने से कट गई। गंभीर रूप से घायल कारोबारी को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, वहीं प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सवाल खड़े हो गए हैं।

Varanasi Saree Trader Death

चाइनीज मांझे ने काट दी साड़ी कारोबारी की जिंदगी की डोर (प्रतीकात्मक तस्वीर)

धारदार मांझे गर्दन को बुरी तरह काट दिया

मृतक की पहचान आशापुर निवासी सुनील कुमार गुजराती के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, सुनील कुमार चौखंभा स्थित गोपाल मंदिर में दर्शन करने गए थे। पूजा-अर्चना के बाद वह बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर अचानक चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में उलझ गया। वह कुछ समझ पाते, उससे पहले ही धारदार मांझे ने उनकी गर्दन को बुरी तरह काट दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल सुनील सड़क पर गिर पड़े। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

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