Varanasi New Delhi Vande Bharat Sleeper Express: देश के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जोड़ने के लिए भारतीय रेलवे एक नया अध्याय शुरू करने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शनिवार, 31 अक्टूबर को वाराणसी से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह अगली पीढ़ी की ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों को रातभर के सफर के लिए एक आधुनिक, आरामदायक और बेहद तेज विकल्प प्रदान करेगी। हावड़ा-गुवाहाटी कॉरिडोर के बाद यह देश में शुरू होने वाली दूसरी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस सेवा है।
वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर का आज से आगाज
रूट और शेड्यूल
वाराणसी और नई दिल्ली के बीच यह सुपरफास्ट ट्रेन प्रयागराज और कानपुर के रास्ते चलेगी। ट्रेन वाराणसी से प्रस्थान कर प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगी। वाराणसी जंक्शन से यह ट्रेन रात 8:50 बजे प्रस्थान करेगी और अगली सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन नई दिल्ली से रात 9:40 बजे रवाना होगी और अगली सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी। यह सेवा हफ्ते में 6 दिन संचालित होगी। वाराणसी से शुक्रवार को और नई दिल्ली से शनिवार को यह ट्रेन नहीं चलेगी।
शिवगंगा एक्सप्रेस से भी तेज: समय की होगी बड़ी बचत
वाराणसी-दिल्ली रूट पर चलने वाली प्रतिष्ठित शिवगंगा एक्सप्रेस की तुलना में नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस यात्रा के समय में बचत कराएगी। वाराणसी से यह ट्रेन रात 8:50 बजे रवाना होकर सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी, जो शिवगंगा एक्सप्रेस से 55 मिनट तेज होगी। वहीं नई दिल्ली से रात 9:40 बजे प्रस्थान कर सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी, जिससे यात्रियों का 35 मिनट समय बचेगा।
देश के आधुनिक रेल नेटवर्क का विस्तार
रेल मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि वाराणसी और नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस सेवा के शुरू होने से भारत का प्रीमियम रात्रिकालीन रेल नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा। जनवरी 2026 में हावड़ा-गुवाहाटी कॉरिडोर पर पहली वंदे भारत स्लीपर सेवाओं की सफल शुरुआत के बाद, इस रूट पर ट्रेन चलाना पूर्वोत्तर और उत्तर भारत के प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी को नए आयाम देगा। इससे व्यापारिक यात्रियों के साथ-साथ काशी विश्वनाथ और प्रयागराज आने वाले तीर्थयात्रियों व पर्यटकों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
