Uttarkashi Landslide: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-507 पर सारीगाड़ के पास लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण सड़क यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। पहाड़ी से लगातार मलबा और बड़े पत्थर गिरने की वजह से प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोनों दिशाओं से वाहनों की आवाजाही रोक दी है। जानकारी के अनुसार, एनएच बड़कोट की ओर से मार्ग को खोलने के लिए मौके पर एक जेसीबी, एक पोकलेन और एक ब्रेकर मशीन तैनात की गई है।
लगातार भूस्खलन से उत्तरकाशी में NH-507 पर यातायात ठप
अधिकारियों ने की लोगों से अपील
हालांकि, क्षेत्र में भूस्खलन लगातार जारी रहने के कारण फिलहाल मशीनों से काम शुरू नहीं हो पाया है। स्थिति सामान्य होने के बाद ही सड़क खोलने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं और यात्रियों व स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। अधिकारियों ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
IMD ने जारी किया पूर्वानुमान
वहीं, उत्तराखंड में भीषण गर्मी से जल्द राहत मिलने की संभावना है, क्योंकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), देहरादून ने राज्य के विभिन्न जिलों में आने वाले दिनों के दौरान बारिश, आंधी-तूफान, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया है। IMD देहरादून द्वारा आज जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार, 28 मई के लिए उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की संभावना जताई गई है, जो कुछ स्थानों पर बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
पूरे राज्य में येलो अलर्ट
वहीं, 29 मई को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान भी आंधी-तूफान, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है, खासकर उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग और चमोली के कुछ इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा, 30 और 31 मई के लिए पूरे राज्य में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें मौसम के अस्थिर रहने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।
पिछले साल भी हुई थी जगह-जगह भूस्खलन की घटना
गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त के महीने में भी मूसलाधार बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन होने से गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे बाधित हो गए थे। वहीं उस दौरान मनेरा बाईपास पर पहाड़ी से रातभर हुए भूस्खलन के कारण लोगों में भय का माहौल बन गया था। जानकारी के मुताबिक, बारिश के कारण गंगोत्री हाईवे नालूपानी, गणेशपुर, नेताला के पास मलबा आने के कारण बंद हो गया था।
