हाई कोर्ट ने थाने में तोड़फोड़ मामले में रद्द की FIR, कहा- पुलिस के आरोपों का कोई सबूत नहीं

Police Station Vandalism Case: उत्तराखंड हाई कोर्ट ने दो साल पहले नैनीताल जिले के भवाली पुलिस थाने में तोड़फोड़ और कांस्टेबल पर हमले के मामले में दो व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को गुरुवार को इस आधार पर रद्द कर दिया। मामले के अनुसार 27 जून, 2023 की रात को कांस्टेबल हयात चंद्र ने भवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

Police Station Vandalism Case: उत्तराखंड हाई कोर्ट ने दो साल पहले नैनीताल जिले के भवाली पुलिस थाने में तोड़फोड़ और कांस्टेबल पर हमले के मामले में दो व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को गुरुवार को इस आधार पर रद्द कर दिया कि आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं है।

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उत्तराखंड हाई कोर्ट (फाइल फोटो साभार: ANI)

क्या है पूरा मामला?

न्यायमूर्ति आशीष नैथानी ने देवेंद्र मेहरा और उसके साथी पारस के खिलाफ दर्ज मामला खारिज करते हुए कहा कि यह तर्कसंगत नहीं लगता कि गंभीर रूप से घायल कोई व्यक्ति इलाज के दौरान पुलिस थाने में हंगामा कर सकता है। मामले के अनुसार 27 जून, 2023 की रात को कांस्टेबल हयात चंद्र ने भवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया था कि देवेंद्र और पारस ने नशे की हालत में थाने पहुंचकर एक पुलिसकर्मी पर हमला किया, उसे धमकी दी और थाने की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।

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