अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित ’वीआईपी’ की भूमिका का खुलासा करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को देहरादून में मौन उपवास रखा।भाजपा ने कथित यौन शोषण के आरोपी अपने सांसद के खिलाफ चुप्पी साधने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए इसे ’शर्मनाक’ बताया। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को झूठे मुद्दे पर मौन उपवास की जगह अपने पार्टी आलाकमान के सामने उस पर कार्रवाई के लिए आवाज उठानी चाहिए।
कांग्रेस ने मंगलवार को यहां मौन उपवास रखा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता यहां गांधी पार्क में इकटठा हुए और गौतम की नियुक्ति को 'संवैधानिक पद का संरक्षण देकर जांच से बचाने का प्रयास' बताते हुए इस कदम का विरोध किया। उन्होंने गौतम की नियुक्ति पर पुनर्विचार की मांग भी की।
'उन्हें राज्यपाल बनाकर ’सेफ पैसेज’ (सुरक्षित रास्ता) दे दिया गया'
'भाजपा से बेटियां बचाओ' जैसे नारे लिखी तख्तियां हाथों में थामे पार्टी कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे धरना दिया और अंकिता को न्याय दिलाने के लिए हत्याकांड में कथित ’वीआईपी’ की भूमिका की जांच में तेजी लाए जाने की मांग की। गोदियाल ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि अंकिता के माता-पिता ने सरकार से इस तथ्य का परीक्षण कराने की मांग की थी कि हत्याकांड में शामिल कथित ’वीआईपी’ क्या यही थे। उन्होंने कहा, 'इसके बजाय उन्हें राज्यपाल बनाकर ’सेफ पैसेज’ (सुरक्षित रास्ता) दे दिया गया जिससे अब उन पर मुकदमा भी न चल सके।'
कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जनभावनाओं को कुचलकर ऐसे व्यक्ति को राज्यपाल बनवा कर उत्तराखंड के प्रति अपनी भावनाएं प्रदर्शित कर दी हैं। उन्होंने कहा, 'इससे हम सब आहत हैं... प्रदेश का प्रत्येक नागरिक इसका पुरजोर विरोध करेगा।'
उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटी को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक अपना संघर्ष जारी रखेगी और कथित ’वीआईपी’ समेत हत्याकांड से जुड़े सभी सवालों का संतोषजनक जवाब मिलने तक चुप नहीं बैठेगी।
TIMES NOW Navbharat पर यह भी पढ़ें: 'सीबीआई जांच से होगा दूध का दूध, पानी का पानी', अंकिता भंडारी हत्याकांड की चौथी बरसी पर बोले CM पुष्कर सिंह धामी
गोदियाल ने केंद्र और राज्य सरकारों से सीबीआई जांच में तेजी लाकर निष्पक्षता से जांच करने तथा गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की मांग की।उधर, कांग्रेस की राज्य प्रभारी कुमारी सैलजा ने भी गौतम की नियुक्ति पर सवाल उठाए। गौतम पूर्व में भाजपा की उत्तराखंड इकाई के प्रदेश प्रभारी रह चुके हैं।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में सैलजा ने कहा, 'अंकिता भंडारी के माता-पिता जिस वीआईपी का नाम लेकर अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगा रहे हैं, भाजपा सरकार ने उसी व्यक्ति को राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर बैठा दिया।'उधर, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि यौन शोषण के आरोपी सांसद पर कार्रवाई के बजाय कांग्रेस की चुप्पी ’शर्मनाक’ है।
चौहान ने कहा कि राज्य कांग्रेस नेताओं को झूठे मुद्दे पर राजनीतिक लाभ के लिए मौन उपवास रखने के बजाय अपने नेताओं, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के सामने आरोपी सांसद के खिलाफ विरोध की आवाज उठानी चाहिए।उन्होंने कहा, 'प्रदेश कांग्रेस नेताओं को अपनी नेता सोनिया गांधी से सवाल पूछना चाहिए कि जवाहर लाल नेहरू (JNU) विश्ववविद्यालय में 11 मेधावी छात्रों से यौन शोषण के आरोपी कांग्रेस सांसद पर कब कार्रवाई करेंगे? प्रियंका गांधी को बताना चाहिए, उस महिला पुलिस अधिकारी की क्या गलती थी जिसे उन्होंने कोहनी मारी? वहीं राहुल गांधी को बताना चाहिए कि महिला पुलिसकर्मी के साथ की गई बदतमीजी के लिए वह कब माफी मांगेंगे?'
घटना के चार दिन बाद चीला नहर से अंकिता का शव बरामद हुआ था
ऋषिकेश के पास वनंत्रा रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता की 18 सितंबर 2022 को रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों - सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। घटना के चार दिन बाद चीला नहर से अंकिता का शव बरामद हुआ था। तीनों को इस मामले में अदालत से उम्रकैद की सजा सुनाई गयी है।
हालांकि, पिछले साल दिसंबर में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और खुद को उनकी पत्नी बताने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बीच बातचीत के ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद अंकिता हत्याकांड में कथित ’वीआईपी’ के शामिल होने का मामला सुर्खियों में आ गया। इस मामले में कांग्रेस समेत कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन किए। इन प्रदर्शनों में अंकिता के माता-पिता भी शामिल हुए। इसके बाद इस साल जनवरी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की।
