UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार बिहार की क्षेत्रीय पार्टियां भी यूपी की सियासत में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में हैं। एनडीए की सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने रविवार को वाराणसी में कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए अपनी ताकत दिखाई। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) भी 5 नवंबर को बनारस में बड़ा सम्मेलन आयोजित करने जा रही है, जिसमें पार्टी प्रमुख चिराग पासवान शामिल होंगे।
काशी में JDU का 'शक्ति प्रदर्शन' (फोटो साभार: @Jduonline)
रोहनिया में जेडीयू की सभा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान भले ही अभी नहीं हुआ है, लेकिन बिहार में एनडीए की प्रमुख सहयोगी जनता दल यूनाइटेड ने यूपी में अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में पार्टी ने वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र स्थित लोहता रामलीला मैदान में राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया। इसमें प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से हजारों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर सम्मेलन में शिरकत किया। लोहता रामलीला मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में हजारों कार्यकर्ताओं के बीच निशांत कुमार ने कहा कि जेडीयू भले ही बिहार की पार्टी है, लेकिन उसका संगठन देश भर में है। उन्होंने साफ कहा कि जेडीयू 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव एनडीए के घटक दल के तौर पर लड़ेगी। निशांत कुमार ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने याद दिलाया कि 2002 में जेडीयू के दो और 2007 में एक विधायक यूपी में रहे हैं।
कुर्मी वोटबैंक पर JDU की नजर
सम्मेलन में लिए पिछले कई दिनों से जेडीयू की ओर से तैयारियां की जा रही थी। निशांत कुमार के अलावा जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय झा, बिहार सरकार में मंत्री और यूपी प्रभारी श्रवण कुमार, मंत्री मोहम्मद जमा खान और यूपी प्रदेश अध्यक्ष अनूप सिंह पटेल समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे। जेडीयू की नजर यूपी में कुर्मी वोटबैंक पर है। इसी रणनीति के तहत वाराणसी की रोहनिया विधानसभा को चुना गया। निशांत कुमार ने सरदार पटेल के बहाने कुर्मी समाज से भावनात्मक लगाव को दोहराया। 2022 में जेडीयू ने यूपी में 27 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा था, लेकिन खाता नहीं खुला था। अब NDA के साथ मिलकर वापसी की तैयारी है।
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LJP भी दम दिखाने के लिए तैयार
दूसरी ओर एनडीए की सहयोगी पार्टी एलजेपी भी यूपी चुनाव की तैयारियों में जुटी है। 5 नवंबर को एलजेपी बनारस में एक बड़ा सम्मेलन करने जा रही है, जिसमें पार्टी प्रमुख चिराग़ पासवान शामिल होंगे। एलजेपी की नजर यूपी के अति पिछड़े पासवान समाज पर है। दलितों के बीच पार्टी लगातार सक्रिय है और अब इसी के तहत चुनाव की तैयारी हो रही है।
