उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज के जॉर्ज टाउन थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला हादसा सामने आया है। केपी कॉलेज के सामने स्थित प्रसिद्ध स्वामी नारायण मंदिर परिसर में बनी तीन मंजिला इमारत शुक्रवार देर रात लगभग 11:00 बजे अचानक भरभराकर एक गहरे गड्ढे में समा गई। इमारत गिरते ही इतनी तेज आवाज हुई कि आसपास के इलाके के लोग दहशत में आ गए और किसी अनहोनी या भूकंप की आशंका से घरों से बाहर निकल आए। गनीमत यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त उस हिस्से में कोई भी श्रद्धालु या व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा जानलेवा हादसा टल गया।
स्वामीनारायण मंदिर का तीन मंजिला हिस्सा जमींदोज
बारिश का पानी और गहरा गड्ढा बना हादसे का कारण
स्वामी नारायण मंदिर के कोठारी कमलेश भगत और स्थानीय सुरक्षा गार्ड सूबेदार सिंह के अनुसार, मंदिर परिसर के ठीक पीछे पिछले 3-4 महीनों से एक नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण कार्य के सिलसिले में मंदिर के पीछे काफी गहरा गड्ढा खोदा गया था। पिछले कुछ दिनों से जारी झमाझम बारिश के कारण इस गड्ढे में लगातार पानी भर रहा था। बारिश की वजह से निर्माण कार्य तो बंद था, लेकिन गड्ढे में पानी भरे रहने और मिट्टी के कटान से मंदिर के कमरे की नींव धीरे-धीरे कमजोर हो गई। सप्ताह भर पहले आई थीं दरारें: इमारत में दरारें देखने के बाद प्रबंधन ने सतर्कता बरतते हुए इस हिस्से को करीब एक सप्ताह पहले ही एहतियातन बंद कर दिया था।
दक्षिण भारतीय श्रद्धालुओं के लिए धर्मशाला के रूप में होता था इस्तेमाल
मंदिर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा गार्ड सूबेदार सिंह के मुताबिक, मंदिर के इस तीन मंजिला हिस्से में कुल 12 कमरे बने हुए थे, जिनका इस्तेमाल धर्मशाला और अतिथि गृह के रूप में किया जाता था। सामान्य दिनों में यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आकर ठहरते थे, जिनमें विशेष रूप से दक्षिण भारत से आने वाले भक्तों की संख्या अधिक होती है। हालांकि, खराब मौसम और समय रहते कमरे खाली करा लिए जाने की वजह से रात 11 बजे हुए इस भयावह हादसे के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई।
पुलिस और प्रशासन का मुआयना जारी
घटना के तुरंत बाद जॉर्ज टाउन थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे परिसर की घेराबंदी कर सुरक्षा इंतजाम पुख्ता किए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जलभराव और मिट्टी खिसकने की वजह से नींव कमजोर होने की आशंका प्राथमिक जांच में जताई जा रही है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी व प्रशासनिक जांच जारी है।
