उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब माफिया, दंगों और कर्फ्यू से नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन से होती है। काशी में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यसभा चुनाव, युवाओं को सरकारी नौकरी, शिक्षा और विकास के मुद्दों पर सपा को घेरा। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है और अब तक राज्य के 6.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने काशी से सपा पर किए जोरदार हमले
राज्यसभा चुनाव में PDA पर योगी ने सपा को घेरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की 10 सीटों में से बीजेपी ने आठ सीटें जीतीं, जबकि समाजवादी पार्टी के खाते में दो सीटें गईं। उन्होंने सपा के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को साथ लाने के दावे पर सवाल उठाए।
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि सपा ने राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में इन वर्गों को प्रतिनिधित्व नहीं दिया। उन्होंने रामगोपाल यादव को उम्मीदवार बनाए जाने और दूसरी सीट के लिए उम्मीदवार के चयन पर भी सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा, हम तो पहले दिन से कह रहे थे कि समाजवादी पार्टी का पीडीए का मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी और बहुत होगा तो पराया धन अपना है और राज्यसभा चुनाव में आपने दोनों चीजें देखी होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'उन्होंने दो प्रत्याशी बनाए। एक प्रत्याशी अपने चाचा जान रामगोपाल यादव को बनायाष अरे काशी के ही किसी यादव को बना देते। गाजीपुर के बना देते, बलिया के बना देते। नहीं बनाया। दूसरी सीट पर किसी और को बना देते, किसी दलित को भेज देते। नहीं बनाया और चलो अपने खानदानी वोट मुसलमानों को ही बना देते। वो भी नहीं बनाया। वो टिकट उन्होंने बेच दिया मुंबई के एक धन्ना सेठ को।'
UP में 6.5 लाख से ज्यादा युवाओं को नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सपा सरकार के दौरान भर्ती आयोगों और बोर्डों में परिवारवाद और वसूली का बोलबाला था। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में चाचा-भतीजे का सिंडिकेट हावी था और योग्य युवाओं को अवसर नहीं मिलते थे।
योगी ने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में बीजेपी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में 6.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र वितरित किए हैं। उन्होंने बताया कि हाल में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती के 32 हजार पदों का परिणाम घोषित किया गया है और सफल अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लोक सेवा आयोग समेत अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और ईमानदारी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने सपा सरकार के समय भर्ती व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
शिक्षा और रोजगार को लेकर साधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा के मुद्दे पर भी सपा को घेरा। उन्होंने दावा किया कि साल 2017 में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में करीब 1.60 लाख पद खाली थे, जिन्हें उनकी सरकार ने भरने की दिशा में काम किया। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति से खाली होने वाले पदों पर भी नियुक्तियां की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश के लगभग 62 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन दिए गए हैं। उन्होंने आगे दो करोड़ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराने का लक्ष्य भी बताया।
काशी, अयोध्या और पर्यटन को बताया नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ पर्यटन और बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ है। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम जन्मभूमि और प्रयागराज महाकुंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की पहचान अब धार्मिक पर्यटन और विकास से जुड़ रही है।
सीएम योगी ने दावा किया कि काशी विश्वनाथ धाम में प्रतिदिन औसतन एक लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उनके मुताबिक, पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।
