उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि साल 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद सपा का राजनीतिक प्रभाव पश्चिम बंगाल की तर्ज पर सिमट जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार तीसरी बार प्रदेश में सरकार बनाएगी। इतना ही नहीं उन्होंने अपने कानपुर दौरे के दौरान दावा किया कि बड़ी संख्या में सपा सांसद पार्टी छोड़ने को तैयार हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के 37 सांसद हैं। हालांकि, अखिलेश यादव ने पार्टी में एकजुटता और मजबूती की बात कहते हुए तमाम अटकलों को खारिज किया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को पार्टी तोड़ करार दिया।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और डिप्टी सीएम केशव मौर्य
केशव मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी में करीब 25 से 26 सांसद टूटने को तैयार हैं। हम पार्टी को तोड़ने का प्रयास नहीं कर रहे, बल्कि वर्ष 2027 तक वे खुद ही पार्टी छोड़ देंगे। मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पार्टी का चुनाव चिह्न सत्ता में नहीं लौटेगा। अखिलेश यादव की साइकिल सैफई जाएगी, लेकिन वह सत्ता के गलियारे तक नहीं पहुंचेगी।
ये दावे ऐसे समय में किए गए हैं जब तृणमूल कांग्रेस अप्रत्याशित टूट का सामना कर रही है, जबकि विपक्षी खेमे में एक अन्य प्रमुख पार्टी शिवसेना (उद्धव) संकट का सामना कर रही है क्योंकि उसके नौ लोकसभा सदस्य कथित तौर पर सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने को इच्छुक हैं।
2027 में सपा-बसपा का होगा बुरा हाल
मौर्य ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय दलों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के बाद समाजवादी पार्टी का प्रभाव भी सीमित हो जाएगा और उसका राजनीतिक दायरा सिमटकर रह जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस अलग-अलग चुनाव लड़ें या गठबंधन बनाकर मैदान में उतरें, भाजपा रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करेगी। उनका कहना था कि विपक्ष के पास जनता के सामने रखने के लिए कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं है और वह केवल भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने सपा नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं को 'सैफई का चश्मा' उतारकर प्रदेश के अन्य जिलों में हुए विकास कार्यों को भी देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे, निवेश, रोजगार, आधारभूत ढांचे और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर प्रदेश में अभूतपूर्व बदलाव हुए हैं, जिन्हें विपक्ष स्वीकार करने को तैयार नहीं है।
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे और कथित अनियमितताओं को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कार्यों में किसी प्रकार के भ्रष्टाचार का प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने श्रद्धालुओं के धन के साथ कोई गड़बड़ी की होगी, तो कानून अपना काम करेगा और उसे उसके कर्मों का परिणाम अवश्य मिलेगा।
