शराब पिलाई, गला घोंटा फिर जंगल में जलाया शव; 8 साल पुराने मर्डर केस में दो हत्यारों को मिली फांसी की सजा

UP Crime: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2018 के चर्चित राजेंद्र सैनी हत्याकांड में शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अवैध संबंधों के शक में राजेंद्र की गला घोंटकर हत्या की गई थी और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को जला दिया गया था।

UP Crime: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आठ साल पुराने चर्चित राजेंद्र सैनी हत्याकांड (Rajendra Saini Murder Case) में शनिवार को एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने मामले के दो मुख्य दोषियों, गजेंद्र उर्फ गीलू और राम किरण उर्फ सावन, को फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया गया है। फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने समाज में बढ़ते अपराधों पर गहरी चिंता जताई और सख्त लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा कि "अपराध करने वाले व्यक्ति के मन में कानून का डर होना बहुत जरूरी है।"

Rajendra Saini Murder Case

मुजफ्फरनगर कोर्ट का बड़ा फैसला

हत्या करने के बाद शव का जलाने की कोशिश

यह पूरा मामला साल 2018 का है। मीरापुर थाना क्षेत्र (Muzaffarnagar Crime) के खेड़ी गांव के जंगलों में पुलिस को एक युवक की अधजली लाश मिली थी, जिसकी शिनाख्त 26 वर्षीय राजेंद्र सैनी के रूप में हुई। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह पूरी वारदात अवैध संबंधों के शक के चलते अंजाम दी गई थी। मुख्य आरोपी वीरसैन को शक था कि राजेंद्र के उसकी पत्नी के साथ गलत संबंध हैं। इसी रंजिश में 4 जून 2018 को आरोपी राजेंद्र को अपनी बाइक पर बैठाकर ले गए। पहले उसे जबरन शराब पिलाई गई और फिर गला घोंटकर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई। गुनाह को छिपाने के लिए उन्होंने शव को जंगल में ले जाकर आग लगा दी थी।

End of Feed