UP: पीलीभीत वोटर लिस्ट विवाद के बाद EC का बड़ा एक्शन, CEO ने दिए सभी फॉर्मों की जांच के आदेश, लापरवाही पर नपेंगे अफसर

UP News: पीलीभीत वोटर लिस्ट विवाद के बाद यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने 10 अप्रैल के बाद दर्ज सभी फॉर्म 6, 7 और 8 की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। लापरवाही पर अफसरों पर कार्रवाई भी की जाएगी।

UP News: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर के आरोपों के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) सख्त रुख में आ गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने 10 अप्रैल को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) समाप्त होने के बाद से कंप्यूटर सहायकों द्वारा दर्ज किए गए सभी मतदाता पंजीकरण फॉर्मों की सघन जांच कराने के कड़े आदेश दिए हैं। आगामी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की तैयारियों को लेकर आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में CEO ने स्पष्ट किया कि यदि मतदाता सूचियों में कोई भी गड़बड़ी या लापरवाही पाई गई, तो संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ERO) और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

UP Electoral Rolls Scrutiny

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर निर्वाचन आयोग सख्त (सांकेतिक चित्र)

पीलीभीत विवाद के बाद क्यों उठाया गया यह कदम?

हाल ही में उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने 21 अक्टूबर को पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर का गंभीर आरोप लगाया था। कांग्रेस का दावा था कि 13,150 मतदाताओं के नाम बदल दिए गए, जबकि उनके मतदाता पहचान पत्र संख्या और सीरियल नंबर जस के तस बने रहे। इसी तरह की घटनाओं को रोकने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिया कि, 10 अप्रैल के बाद दर्ज सभी फॉर्म 6, 7 और 8 की दोबारा और गहन जांच की जाए। बता दें कि फॉर्म 6, मतदाता सूची में नया नाम जोड़ने के लिए, फॉर्म 7, नाम हटाने या नाम शामिल करने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए और फॉर्म 8, मतदाता विवरण में संशोधन के लिए होता है।

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