पश्चिम कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर तीन मंजिला निर्माणाधीन गोदाम की छत ढह जाने से उसके मलबे के नीचे कई लोग दबे गये। कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 21 लोगों को बाहर निकाला गया है, जिनमें से 20 घायल हैं। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "मृतकों की संख्या 5 है। कुल 20 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 2 आईसीसीयू (इंटेंसिव कोरोनरी केयर यूनिट) में हैं और 18 खतरे से बाहर हैं।"
कोलकाता में गोदाम ढहा
इस गोदाम के प्लान में जरूर कहीं गलती थी तभी ऐसा हुआ है। हम किसी को छोड़ेंगे नहीं। यह सुवेंदु अधिकारी की सरकार हैं, ऐसा एक्शन होगा ना हर कोई याद रखेगा। अभी फिलहाल 2 महीने कोई कंस्ट्रक्शन का काम नहीं होगा। पहले सब ऑडिट होगा और उसके बाद कंस्ट्रक्शन अनुमति दी जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, तारातला इलाके में ब्रेस पुल के निकट ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर इस गोदाम की छत दोपहर के करीब गिर गई। हमारे अधिकारी मौके पर हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना के समय कुछ लोग वहां काम कर रहे थे। हमे आशंका है मलबे के नीचे कुछ लोग दबे हो सकते हैं। निर्माण कार्य के दौरान लोहे के बीम और कंक्रीट के बड़े-बड़े हिस्से ढह गए, जहां कई मज़दूर काम कर रहे थे। घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि उन्होंने मलबे के नीचे फंसे लोगों को मदद के लिए चिल्लाते हुए सुना।
कास्टिंग’ के काम के दौरान गिरी छत
एक चश्मदीद ने कहा, "भूतल पर पर निर्माण कार्य चल रहा था, जबकि पहली और दूसरी मंज़िल का आरसीसी ढांचा पूरा हो चुका था। पूरा ढांचा ढह गया है। अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक,’ कास्टिंग’ के काम के दौरान तीन मंज़िला गोदाम की छत गिर गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गोदाम बनाने में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता पुलिस, आपदा प्रबंधन समूह, नागरिक सुरक्षा और अग्निशमन एवं आपात सेवा की टीम घटनास्थल पर बचाव कार्य में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि सेना के अधिकारी भी बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं जबकि गिर चुके लोहे के बीम को हटाने के लिए क्रेन और मशीनों को लगाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार लोहे और कंक्रीट को काटने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया जा रहा था तथा बचावकर्मी ’वर्टिकल ड्रिलिंग’ के ज़रिए मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। कोलकाता पुलिस के आपदा प्रबंधन दल के एक सदस्य ने कहा, ’’हम मलबे के नीचे से आ रही मदद की पुकार को सुन वहां तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, हम दबे हुए लोगों को भरोसा दिला रहे हैं कि उन्हें जल्द ही बचा लिया जाएगा। कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इलाके में कुछ समय से बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कार्य किए जा रहे थे।
मंत्री इंद्रनील खान ने कहा, "हम निश्चित रूप से दुर्घटना के कारणों और किसी भी तरह की अनियमितता की जांच करेंगे। लेकिन अभी प्राथमिकता ज्यादा से ज्यादा पीड़ितों को बचाने की है। शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल और कोलकाता नगर निगम की आयुक्त स्मिता पांडे भी घटनास्थल पर पहुंच गई हैं।
जानकारी के मुताबिक, पिछले एक साल से चाय के एक गोदाम का निर्माण का काम चल रहा था। बुधवार दोपहर करीब 12.15 बजे अचानक यह गोदाम ढह गया। अभी तक 7 श्रमिकों को बेहद गंभीर हालत में निकाला गया है। मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। राज्य सरकार की तरफ से सचिवालय में एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।
इस घटना के समय कुछ लोग वहां काम कर रहे थे। हमें आशंका है कि मलबे के नीचे कई लोग दबे हो सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता पुलिस, आपदा प्रबंधन समूह, नागरिक सुरक्षा और अग्निशमन एवं आपात सेवा की टीम घटनास्थल पर बचाव कार्य में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि सेना के अधिकारी भी बचाव कार्य में मदद करते दिखे, जबकि गिर चुके लोहे के बीम को हटाने के लिए क्रेन और मशीनों को लगाया गया है।
तारातला में हुए हादसे के लिए नबान्न में आपदा प्रबंधन का कंट्रोल रूम शुरू किया गया है, जिसके नंबर ये हैं:
- 1070
- 8697981070
- 033 22143526
- 033 22535185
- बचाव कार्य और मलबा हटाने के लिए क्रेन को मौके पर भेजा गया है।
- गैस कटर सेट और SMPA फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुँच गई हैं।
- मेडिकल टीम के साथ SMPA की एम्बुलेंस भी पहुँच गई है।
- तालमेल और सुरक्षा के लिए एस्टेट डिवीज़न और पोर्ट सिक्योरिटी की टीमें तुरंत मौके पर पहुँच गईं।
- SMPA के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुँच चुके हैं और हालात पर नज़र रखे हुए हैं।
- बचाव कार्य आगे बढ़ने के साथ और जानकारी दी जाएगी।
