Ujjain Building Collapse: मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सोमवार रात एक चार मंजिला मकान सड़क चौड़ीकरण के दौरान अचानक भरभराकर ढह गया। मकान गिरते ही वह पास से गुजर रही बिजली की तारों पर जा गिरा, जिससे चिंगारियां फैल गईं और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। । गनीमत की बात है कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
सांकेतिक फोटो (istock)
पानी के रिसाव से कमजोर हुई मकान की नींव
जानकारी के अनुसार, यह मकान ढाबा रोड स्थित गेबी हनुमान मंदिर के पास स्थित था। यह घटना उस समय हुई जब इलाके में सिंहस्थ महापर्व को लेकर सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण का काम चल रहा था। सड़क विस्तार के लिए नगर निगम ने पहले ही मकान के सामने वाले हिस्से को जेसीबी मशीन से तोड़ दिया था, जिससे मकान का संरचना काफी कमजोर हो गई थी। साथ ही नाली के पानी का रिसाव होने और लगातार पानी जमा होने के कारण इमारत की नींव और भी कमजोर हो गई। जिस कारण यह पूरी इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
मकान गिरने से बिजली के खंभे भी टूटे
मकान गिरने के कारण आसपास के बिजली के खंभे भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। जिसके चलते पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे देर शाम तक लोगों के घरों में अंधेरा छाया रहा। वहीं मकान का मलबा सड़क पर फैल रहने के कारण आवागमन भी बाधित हो गया। इस हादसे में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। घटना की जानकारी के बाद प्रशासन और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। साथ ही बिजली व्यवस्था बहाल करने का काम भी जारी है।
बताया जा रहा है कि यह मकान मनोज भावसार और अली असगर का था। वहीं क्षेत्रीय पार्षद पंडित अर्पित दुबे ने आरोप लगाया कि पिछले एक महीने से निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा था। खुली नाली के कारण मकानों में पानी का रिसाव हो रहा था, जिससे उनकी नींव कमजोर हो रही थी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।
