Kakoli Ghosh Dastidar Resignation: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अहम बदलाव देखने को मिला है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने बारासात संसदीय जिले के एआईटीसी जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा (TMC MP Kakoli Ghosh Dastidar) दे दिया है। उनके इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में साफ किया कि यह निर्णय उन्होंने पार्टी और संगठन के हित को ध्यान में रखते हुए लिया है। डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि हाल ही में हुए चुनावों के नतीजों को देखते हुए उन्हें महसूस हुआ कि शायद पार्टी के लिए काम करने के तरीके में कहीं न कहीं कुछ कमी रह गई।
बारासात जिला अध्यक्ष पद से हटीं काकोली घोष, संगठन में बदलाव के संकेत
चुनाव परिणाम हमेशा यह सोचने का मौका देते हैं-काकोली
उन्होंने माना कि अगर किसी दूसरे नेता को यह जिम्मेदारी दी जाए तो वह शायद इससे बेहतर तरीके से संगठन को आगे बढ़ा सके। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए हमेशा बेहतर काम होना चाहिए और यही सोचकर उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया। उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि राजनीति में जिम्मेदारी बहुत बड़ी होती है और चुनाव परिणाम हमेशा यह सोचने का मौका देते हैं कि आगे क्या सुधार किया जा सकता है। डॉ. काकोली ने पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा उनका साथ दिया और सहयोग किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि नया नेतृत्व पार्टी को और मजबूत करेगा।
बारासात क्षेत्र में दस्तीदार की अच्छी पहचान
डॉ. काकोली घोष दस्तीदार लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी हुई हैं और बारासात क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान मानी जाती है। सांसद होने के साथ-साथ उन्होंने संगठन में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। ऐसे में उनका इस्तीफा पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि उन्होंने जिला अध्यक्ष पद छोड़ा है, लेकिन उन्होंने यह साफ किया कि वह पार्टी के साथ पूरी मजबूती से जुड़ी रहेंगी और सांसद के तौर पर जनता की सेवा करती रहेंगी। उनके इस बयान से यह संकेत मिला कि उन्होंने संगठनात्मक जिम्मेदारी छोड़ी है, लेकिन पार्टी से दूरी नहीं बनाई है।
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