Eid ul Fitr Security Arrangements Delhi: ईद-उल-फितर को लेकर राजधानी में सुरक्षा इंतजाम तेज कर दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि इस बार त्योहार 21 मार्च को मनाया जाएगा। इसके मद्देनजर दिल्ली के द्वारका और खासतौर पर उत्तम नगर क्षेत्र में पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है, अतिरिक्त पिकेट पॉइंट बनाए गए हैं और संवेदनशील इलाकों पर निगरानी मजबूत कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि ईद के मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है, ताकि लोग त्योहार को शांतिपूर्ण माहौल में मना सकें।
ईद-उल-फितर से पहले दिल्ली में कड़ी सुरक्षा (सांकेतिक फोटो)
उत्तम नगर में पिछले लगभग दो सप्ताह से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। बताया जा रहा है कि 4 मार्च को होली के दौरान हुए एक विवाद के बाद हालात बिगड़ने शुरू हुए थे, जो धीरे-धीरे हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना में 26 वर्षीय एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था और बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए हैं। वहीं स्थानीय निवासियों का कहना है कि हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं और कई लोग अब भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं।
लोगों को है पुलिस से उम्मीद
इलाके के रहने वाले बिलाल राजपूत का कहना है कि पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग तो की है, लेकिन उनके मुताबिक सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बैरिकेड लगाए जाने की जरूरत है। उनका कहना है कि इलाके में अब भी भय का माहौल बना हुआ है और कुछ लोगों को आशंका है कि कुछ दक्षिणपंथी समूह इन बैरिकेड्स को नुकसान पहुंचाकर उन्हें हानि पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि जिन लोगों ने उन्हें धमकियां दी हैं, उनके खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी, ताकि क्षेत्र में भरोसा और शांति का माहौल कायम हो सके।
4 मार्च को हुई थी यह घटना
हस्तल गांव के निवासी जमील अहमद का कहना है कि हिंसा की आशंका के चलते कई मुस्लिम किराएदार और दिहाड़ी मजदूर पहले ही यह इलाका छोड़ चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि त्योहार के दौरान कोई घटना नहीं होगी और हालात शांतिपूर्ण बने रहेंगे। 4 मार्च को दो समुदायों के लोगों के बीच विवाद हो गया था। यह झड़प तब शुरू हुई, जब होली के मौके पर एक 11 वर्षीय लड़की द्वारा फेंका गया पानी से भरा गुब्बारा एक मुस्लिम महिला को लग गया। इस बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच बहस हुई, जो बाद में हिंसक रूप ले बैठी। इस घटना में उत्तम नगर के 26 वर्षीय तरुण कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे और चार दिन बाद चोटों के कारण उनकी मौत हो गई।
14 लोगों की हुई थी गिरफ्तारी
गौरतलबू है कि, उत्तम नगर में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने दोनों समुदायों से जुड़े 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है। घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस दौरान सोशल मीडिया पर धमकी भरे और भड़काऊ संदेशों की गतिविधियां भी बढ़ गई हैं, जिससे लोगों की चिंता और असुरक्षा की भावना और गहरी हो गई है।
RAF और CRPF के जवानों की तैनाती
द्वारका जिला के पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने बताया कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पूरे इलाके में सुरक्षा इंतजाम और सख्त कर दिए गए हैं। इसके तहत रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और स्थानीय पुलिस के जवानों को तैनात किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पुलिस ने रणनीतिक स्थानों पर 100 से ज्यादा पिकेट पॉइंट बनाने की योजना तैयार की है। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां छतों पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिससे हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा सके। धार्मिक स्थलों, खासकर मस्जिदों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसके अलावा लगातार गश्त जारी रखकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न होने पाए।
संवेदनशील इलाकों में खास निगरानी
लोगों में विश्वास बनाए रखने के लिए पुलिस ने फ्लैग मार्च शुरू कर दिए हैं, जिन्हें ईद-उल-फितर के दौरान कई बार निकाला जाएगा। इसके साथ ही बिना अनुमति प्रस्तावित विरोध मार्च से जुड़े पोस्टर हटाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि माहौल शांत और नियंत्रण में रखा जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, जिन इलाकों में मिश्रित आबादी रहती है, उन्हें संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिह्नित कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। कुछ दिन पहले अयप्पा पार्क में बिना अनुमति निकाले गए एक आक्रोश मार्च का भी पुलिस ने संज्ञान लिया था। इसके अलावा नजफगढ़ रोड पर कई जगह इस मार्च से जुड़े पोस्टर लगे देखे गए थे, जिन्हें हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि किसी तरह का तनाव न बढ़े।
