बाघ देखने और उनकी दहाड़ सुनने के लिए आप देश के तमाम टागर रिजर्व की सैर करते हैं। लेकिन बाघ दिख ही जाए या उसकी दहाड़ सुनाई दे, ऐसा जरूरी नहीं है। मध्य प्रदेश में एक हिस्सा है, जहां बाघ देखना काफी आसान है। यहां नेशनल हाईवे पर बकायदा एक पूरा 'टाइगर कॉरिडोर' बनाया गया है, ताकि राहगीरों और बाघों की आपस में भिडंत न हो। अब इसी 22 किलोमीटर लंबे टाइगर कॉरिडोर को 4 लेन हाईवे के रूप में विकसित किया जाएगा।
इटारसी-बेतूल हाईवे पर 22 किमी का टाइगर कॉरिडोर
बता दें कि मध्य प्रदेश में इटारसी-बैतूल सेक्शन पर 2 किलोमीटर लंबा ‘Tiger Corridor’ है। अब इसी कॉरिडोर को फोर-लेन हाईवे के रूप में विकसित करने की योजना है। केंद्र सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 758 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है, जिससे क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।
सीएम बोले क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदल जाएगी
इस फैसले पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि Itarsi Betul Highway फोर-लेन सड़क के निर्माण से इटारसी-बैतूल क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल जाएंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस परियोजना से क्षेत्रीय विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।
नितिन गडकरी ने कही ये बात
परियोजना नेशनल हाईवे-46 के अंतर्गत आने वाले इस काफी अहम हिस्से को चौड़ा करने से संबंधित है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस सड़क के चौड़ीकरण से न सिर्फ यातायात सुगम होगा, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी यह बेहद अहम साबित होगा।
खनिज संपन्न है ये क्षेत्र
इटारसी-बैतूल क्षेत्र कृषि और खनिज संसाधनों के लिहाज से समृद्ध है। यहां कोयला, तांबा, ग्रेफाइट और लेड-जिंक जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इस सड़क के फोर-लेन बनने से माल परिवहन में काफी कम समय लगेगा, जिससे व्यापार और उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी।
वन्य जीवों की सुरक्षा के इंतजाम
परियोजना की खास बात यह है कि इसमें वन्यजीवों की सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है। सड़क निर्माण के दौरान 11 स्पेशल अंडरपास और ओवरपास बनाए जाएंगे, ताकि जंगली जानवर सुरक्षित रूप से सड़क पार कर सकें। इससे सड़क दुर्घटनाओं में तो कमी आएगी ही साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
ग्वालियर से बैतूल 4 लेन कॉरिडोर
यह कॉरिडोर आगे चलकर बैतूल को नागपुर से भी जोड़ेगा, जिससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच कनेक्टिविटी और भी बेहतर हो जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद ग्वालियर से बैतूल तक का पूरा कॉरिडोर फोर-लेन में बदल जाएगा, जिससे लंबी दूरी की यात्रा और ज्यादा सुगम और तेज हो जाएगी।
रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे
इस सड़क के विकास से माधव नेशनल पार्क, रातापानी अभयारण्य और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व जैसे पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच आसान होगी। इससे ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इटारसी-बैतूल टाइगर कॉरिडोर का यह फोर-लेन प्रोजेक्ट क्षेत्र विकास को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, कनेक्टिविटी और पर्यावरण संतुलन के बीच बेहतर तालमेल बनाने में सफल होगा।
