गुजरात में चल रहे बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए राजकोट ग्रामीण पुलिस ने ‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ के तहत अब तक करीब 1500 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन का खुलासा किया है। यह पूरा मामला करीब 2500 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें बैंकिंग सिस्टम के भीतर से ही सेंध लगाई गई।
राजकोट में ‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ में बड़ा खुलासा।
जांच में सामने आया है कि जामनगर में पडधरी के YES बैंक में कार्यरत बैंक अधिकारी मौलिक कमाणी ने फर्जी खातों का नेटवर्क खड़ा किया। इन खातों को खोलने के लिए नकली दस्तावेज और फर्जी सिग्नेचर का इस्तेमाल किया गया, जिसके जरिए भारी मात्रा में अवैध ट्रांजेक्शन को अंजाम दिया गया।
पुलिस के अनुसार, मौलिक कामाणी ने बैंकिंग सिस्टम की गहरी जानकारी का फायदा उठाकर इस पूरे रैकेट को ऑपरेट किया। इसी कड़ी में AXIS बैंक मैनेजर कल्पेश डांगरिया (जामनगर निवासी) की भूमिका भी सामने आई है, जिसने इस नेटवर्क को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया। जो पहले YES बैंक में काम करता था, जिसकी वजह से दोनों संपर्क में आए थे।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि एक अन्य आरोपी अनुराग बालधा HDFC बैंक में कार्यरत था, जो साथ मिलकर APMC से जुड़े खातों का दुरुपयोग किया गया, जिनके जरिए बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन किया गया।
अब तक इस मामले में कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ताजा कार्रवाई में तीन और बैंक कर्मचारियों अनुराग बालधा, मौलिक कामाणी और कल्पेश डांगरिया को गिरफ्तार किया गया है। इन गिरफ्तारियों ने यह साफ कर दिया है कि साइबर फ्रॉड का यह नेटवर्क केवल बाहर से नहीं, बल्कि बैंकिंग सिस्टम के अंदर से संचालित हो रहा था।
पुलिस इस पूरे रैकेट की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
