Surat Food Poisoning: सूरत के वराछा इलाके में रेस्टोरेंट से खाना मंगाकर खाने के बाद एक ही परिवार के पांच सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई। इलाज के दौरान 4 साल 10 महीने की बच्ची की मौत हो गई। परिवार के अन्य चार सदस्य फिलहाल अस्पताल में इलाजरत हैं। पुलिस के मुताबिक, परिवार के अशोकभाई कलसरिया ने 15 अगस्त की शाम शीतल रेस्टोरेंट से पंजाबी सब्जी समेत खाना पार्सल कराया था। घर पहुंचने के बाद अशोकभाई, उनकी पत्नी और तीन बेटियों ने साथ में खाना खाया।
फूड सेफ्टी अधिकारी ने किया रेस्टोरेंट का निरीक्षण
रात के बाद सुबह अशोकभाई और उनकी करीब 4 साल की बेटी को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई। दोनों को अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया। इसके बाद घर लौटने पर उनकी पत्नी और दो अन्य बेटियों की तबीयत भी बिगड़ गई। सभी को सूरत के सदविचार अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। इसके बाद वराछा पुलिस ने मामले में Accidental Death (AD) की जांच शुरू की। बच्ची का पोस्टमार्टम सूरत के SMIMER अस्पताल में कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद स्पष्ट होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने दिए कार्रवाई के निर्देश
घटना की जानकारी मिलने के बाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल पटेल और SMC अधिकारी डॉ. उमरीगर से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्री ने प्रभावित परिवार के सदस्यों को उचित उपचार उपलब्ध कराने और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने मृतक बच्ची के परिवार से फोन पर बात कर संवेदना भी व्यक्त की। स्वास्थ्य मंत्री ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई करने तथा जिम्मेदार पाए जाने पर शीतल रेस्टोरेंट को तत्काल सील करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य के सभी रेस्टोरेंट में स्वच्छता, हाइजीन और फूड सेफ्टी के मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
फूड सेफ्टी अधिकारी दिया क्या अपडेट?
वहीं सूरत नगर निगम (SMC) की फूड सेफ्टी अधिकारी सेजल व्यास ने बताया कि फूड पॉइजनिंग की शिकायत मिलने के बाद टीम सुबह ही रेस्टोरेंट पहुंची और वहां निरीक्षण किया। जांच के दौरान खराब और संदिग्ध खाद्य सामग्री को नष्ट करने के निर्देश दिए गए। अधिकारी के अनुसार, बच्ची की मौत की जानकारी सामने आने के बाद रेस्टोरेंट को पूरी तरह बंद करा दिया गया। निरीक्षण में चना दाल खराब मिली, जबकि कुछ सब्जियां भी खराब हालत में थीं और खुले में रखी हुई थीं। पनीर भी बिना ढके रखा गया था। इन सभी खाद्य पदार्थों को नष्ट कर दिया गया है। सेजल व्यास ने बताया कि जानकारी के मुताबिक परिवार ने 15 अगस्त को इसी रेस्टोरेंट से सब्जियां और अन्य खाद्य सामग्री खरीदी थी, जिसके बाद परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ी। खाद्य सुरक्षा कानून के तहत रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अधिकारी ने यह भी बताया कि इससे पहले रेस्टोरेंट से लिए गए खाद्य सैंपल गुणवत्ता जांच में मानकों पर खरे उतरे थे।
