हत्या के दोषी 105 वर्षीय व्यक्ति को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, अंतरिम जमानत ही बनी अंतिम आदेश, अब दोबारा नहीं जाना होगा जेल

Supreme Court Verdict: उच्चतम न्यायालय ने 105 वर्षीय हत्या के दोषी रसिक चंद्र मंडल को बड़ी राहत देते हुए अंतरिम जमानत को अंतिम आदेश में बदला। जानिए 1988 के इस मामले की पूरी कहानी।

Supreme Court: उच्चतम न्यायालय ने हत्या के एक मामले में दोषी ठहराए गए 105 वर्षीय रसिक चंद्र मंडल को शुक्रवार को राहत देते हुए 2024 में उसे दी गई जमानत को ही अंतिम आदेश करार दे दिया। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में वर्ष 1920 में जन्मे मंडल को 1988 में हुई हत्या के मामले में 1994 में 68 वर्ष की उम्र में दोषी ठहराया गया था। वह 29 नवंबर, 2024 तक जेल में था तभी शीर्ष अदालत ने उसे जमानत दी थी।

हत्या के दोषी 105 वर्षीय व्यक्ति को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, अंतरिम जमानत ही बनी अंतिम आदेश, अब दोबारा नहीं जाना होगा जेल

हत्या के दोषी 105 वर्षीय व्यक्ति को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, अंतरिम जमानत ही बनी अंतिम आदेश, अब दोबारा नहीं जाना होगा जेल

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने शुक्रवार को कहा कि याचिकाकर्ता की उम्र को देखते हुए मामले को बंद किया जा रहा है और यदि कोई शेष सजा बाकी है तो उसे माफ किया जाता है।

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