पराली जलाने का सीजन शुरू, Super El Nino के साथ मिलकर धुआं रोकेगा दिल्ली की सांसें!

उत्तर भारत में पराली जलाने का सीजन शुरू हो चुका है। 15 से 23 सितंबर के बीच 47 ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। सुपर अल नीनो, और संभावित तौर पर पश्चिमी विक्षोभ में कमी, हवा की धीमी रफ्तार के चलते इस साल की सर्दी दिल्लीवासियों के लिए सांसें रोकने वाली साबित हो सकती है।

अभी तो दिल्ली से मानसून की ही विदाई हुई है। अभी गर्मी की तासीर बाकी है, लेकिन पूरे दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के प्रदूषण (खराब हवा) को लेकर चर्चा अभी से शुरू हो गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्देश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली में पराली जलाने का सीजन दस्तक दे चुका है। 15 सितंबर से 23 सितंबर के बीच ही इन राज्यों में पराली जलाने के 47 मामले सामने आ चुके हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के सैटेलाइट डेटा के अनुसार इनमें 25 मामले पंजाब में, जबकि 19 मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए। हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में एक-एक मामला सामने आया है।

Delhi Smog and Parali

दिल्ली-एनसीआर में इस साल भी प्रदूषण से घुटेगा लोगों का दम

अभी यह आंकड़ा कम नजर आ रहा होगा, जो कि है भी। लेकिन अक्टूबर में खेतों में आग की घटनाएं तेजी से बढ़ने की आशंका रहती है और नवंबर के पहले 10 दिनों में इसका दबाव सबसे ज्यादा हो सकता है। सामान्य तौर पर पराली जलाने का सीजन भी 15 सितंबर से 30 नवंबर तक माना जाता है। इस साल दिवाली 8 नवंबर को है, यानी पराली जलाने की संभावित पीक अवधि और त्योहार का समय लगभग एक साथ पड़ रहा है।

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