पटना : अक्सर कार और बाइकों पर नियमित डेसीबल के हार्न लगाकर लोगों को परेशान करने वालों के खिलाफ एक्शन की तैयारी की जा रही है। बिहार के परिवहन विभाग ने प्रेशर हॉर्न व हूटर लगे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने और इस तरह के उपकरणों को जब्त करने का निर्देश दिया। बृहस्पतिवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। अधिकारियों को प्रेशर हॉर्न और हूटर की बिक्री पर लगे प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने का भी निर्देश दिया गया है। सख्ती से सड़कों पर बेतरतीब तरीके बजने वाले हॉर्न से राहत मिलेगी और वाहन चालक मनमानी नहीं कर सकेंगे।
बिहार मे ंहूटर्स पर होगी कार्रवाई (फोटो-IstocK)
विधान परिषद में उठा प्रेशर हॉर्न-हूटर का मुद्दा
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बृहस्पतिवार को विधान परिषद में एक प्रश्न के जवाब में कहा कि मौजूदा नियमों में वाहन के हॉर्न समेत सभी साउंड सिस्टम के लिए सख्त डेसीबल सीमा तय है और इससे अधिक आवाज को हानिकारक माना जाता है। उन्होंने बताया, "परिवहन विभाग ने राज्यभर के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रेशर हॉर्न व हूटर लगे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करें और ऐसे उपकरणों को जब्त करें। प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
चार पहिया वाहनों में काले शीशों पर होगा एक्शन
मंत्री ने वाणिज्यिक और निजी चार पहिया वाहनों में काले शीशों से जुड़े उल्लंघनों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह मौजूदा नियमों का उल्लंघन है। वाहन के शीशों पर ब्लैक फिल्म या किसी भी अन्य सामग्री का उपयोग अनुमत नहीं है। इसलिए सभी वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि अगर उनके वाहनों में टिंटेड ग्लास या अन्य सामग्री लगी है, तो उसे तुरंत हटा दें। उल्लंघन पर चालान और मौके पर फिल्म हटाने की कार्रवाई की जाएगी। पिछले वर्ष बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ध्वनि प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से पटना में हर रविवार ’नो हॉन्किंग डे’ मनाने की अपील भी की थी।
