समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को यह स्पष्ट कर दिया कि उनकी पार्टी किसी भी कीमत पर अपना गठबंधन नहीं तोड़ेगी। उन्होंने कहा कि सपा की असली लड़ाई भारतीय जनता पार्टी की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ है। उन्होंने सत्तारूढ़ दल पर बड़े पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने और आम जनता को महंगाई की आग में झोंकने का आरोप लगाया। सपा प्रमुख ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा अपने वादे निभाए हैं और आगे भी सहयोगियों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
अखिलेश यादव का बड़ा बयान (फाइल फोटो)
अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सपा का मुख्य लक्ष्य समाजवादी विचारधारा और पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) आंदोलन के जरिए सामाजिक न्याय पर आधारित सरकार बनाना है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग पीडीए की बढ़ती ताकत से डरे हुए हैं और इसीलिए इसकी परिभाषाएं बदलने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, तकलीफ जितनी बढ़ेगी, पीडीए आंदोलन उतना ही ज्यादा मजबूत होकर उभरेगा।
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सपा मुखिया का सरकार से सवाल
सहयोगी दलों को देंगे चार गुना से ज्यादा सीटें-अखिलेश यादव
सरकार के प्रति व्यक्ति आय बढ़ने के दावों पर चुटकी लेते हुए अखिलेश यादव ने पूछा कि अगर देश इतनी तरक्की कर रहा है, तो उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ लोगों को सरकारी राशन पर क्यों निर्भर रहना पड़ रहा है? इन गरीब परिवारों की वास्तविक आय क्या है, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।
आगामी चुनावों में सीट बंटवारे को लेकर उन्होंने बड़ा दिल दिखाने का संकेत दिया। अखिलेश ने कहा कि सपा चाहती है कि उसके सहयोगी दलों को पहले के मुकाबले चार गुना अधिक सीटें मिलें।
इसके अलावा, उन्होंने प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा की बदहाली पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चे पढ़ते हैं, जिनकी स्थिति सुधारना उनकी प्राथमिकता होगी। परिवारवाद के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि कभी-कभी परिवारवाद के भी अपने फायदे होते हैं, क्योंकि इसने कठिन समय में पार्टी को एकजुट रखने में मदद की है।
